सीतापुर: 10 दिनों से अंधेरे में डूबा लक्ष्मण नगर, बिजली विभाग के खिलाफ ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
सीतापुर के नैमिषारण्य क्षेत्र के लक्ष्मण नगर गांव में पिछले 10 दिनों से बिजली आपूर्ति ठप होने से शनिवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में महिला और पुरुष नैमिषारण्य पावर हाउस पहुंचे और परिसर में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के नैमिषारण्य क्षेत्र स्थित लक्ष्मण नगर गांव में पिछले 10 दिनों से जारी बिजली संकट ने विकराल रूप ले लिया है। शनिवार को परेशान ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया और बड़ी संख्या में महिला व पुरुष नैमिषारण्य पावर हाउस पहुंच गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने पावर हाउस परिसर में ही धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।
पेयजल और दैनिक जीवन पर गहरा असर
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली आपूर्ति ठप होने से गांव का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। सबसे बड़ी समस्या पेयजल की है, क्योंकि बिजली न होने से पानी की मोटरें नहीं चल पा रही हैं। लोगों को अपनी प्यास बुझाने के लिए दूर-दराज के इलाकों से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के इस दौर में बच्चों और बुजुर्गों का बुरा हाल है, जबकि छात्रों की पढ़ाई भी बुरी तरह बाधित हो रही है।
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने बिजली विभाग के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत करने के बावजूद कर्मचारी मौके पर नहीं आते और यदि आते भी हैं, तो समस्या के समाधान के बदले अवैध वसूली की मांग करते हैं। 10 दिनों से बिजली न होने के कारण घरों में लगे इन्वर्टर भी डिस्चार्ज हो चुके हैं, जिससे रात के समय ग्रामीणों को अंधेरे में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।
बार-बार फुंक रहा ट्रांसफार्मर, विभाग बेबस
लक्ष्मण नगर में बिजली की समस्या का मुख्य कारण बार-बार फुंकने वाला ट्रांसफार्मर बताया जा रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि विभाग ने अब तक तीन बार ट्रांसफार्मर बदला है, लेकिन हर बार कुछ ही समय में वह फिर से खराब हो जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग द्वारा घटिया स्तर के ट्रांसफार्मर या खराब उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे यह समस्या स्थायी बनी हुई है।
इस मामले पर मिश्रिख के एसडीओ अंकुर वर्मा ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि लक्ष्मण नगर में तीन बार ट्रांसफार्मर बदला गया है, लेकिन तकनीकी कारणों से वह बार-बार फुंक रहा है। उन्होंने स्वीकार किया कि विभाग ने नए ट्रांसफार्मर की मांग उच्च अधिकारियों को भेज दी है, लेकिन अभी तक नया ट्रांसफार्मर उपलब्ध नहीं हो सका है, जिसके कारण आपूर्ति बहाल करने में देरी हो रही है।
प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम
धरने की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पावर हाउस परिसर में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अगले 24 घंटों के भीतर बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से बहाल नहीं की गई, तो वे और भी उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
फिलहाल, बिजली विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को जल्द से जल्द समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनके गांव में बिजली नहीं आ जाती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। प्रशासन अब इस मामले में त्वरित कार्रवाई के दबाव में है ताकि ग्रामीणों की नाराजगी को शांत किया जा सके।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!