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सीतामढ़ी: नगर निगम के सफाईकर्मियों का फूटा गुस्सा, वेतन में कटौती और सुविधाओं के अभाव पर प्रदर्शन

सीतामढ़ी नगर निगम में कार्यरत सफाईकर्मियों ने मंगलवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नगर निगम कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। विभाग की ओर से प्रति सफाईकर्मी 15 से 16 हजार रुपये का भुगतान किया जाता है, लेकिन एजेंसी द्वारा उन्हें प्रतिमाह मात्र 7 हजार रुपये दिए जाते हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

4 अगस्त 20262 मिनट पढ़ें
सीतामढ़ी: नगर निगम के सफाईकर्मियों का फूटा गुस्सा, वेतन में कटौती और सुविधाओं के अभाव पर प्रदर्शन
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सीतामढ़ी नगर निगम में कार्यरत सफाईकर्मियों ने मंगलवार को अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। नगर निगम कार्यालय परिसर में एकत्रित हुए इन कर्मियों ने प्रशासन और संबंधित एजेंसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सफाईकर्मियों का मुख्य आरोप है कि उन्हें उनके मेहनत के अनुरूप वेतन नहीं मिल रहा है और उन्हें बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित रखा जा रहा है।

वेतन में भारी कटौती का आरोप

प्रदर्शनकारी सफाईकर्मियों ने बताया कि वे शहर की साफ-सफाई का जिम्मा एक निजी एजेंसी के माध्यम से संभाल रहे हैं। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नगर निगम प्रशासन की ओर से प्रति सफाईकर्मी 15 से 16 हजार रुपये का भुगतान किया जाता है, लेकिन एजेंसी द्वारा उन्हें प्रतिमाह मात्र 7 हजार रुपये ही दिए जा रहे हैं। इतनी कम राशि में अपने परिवार का भरण-पोषण करना उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

सफाईकर्मियों का कहना है कि महंगाई के इस दौर में मात्र 7 हजार रुपये में घर चलाना असंभव है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब विभाग द्वारा पूरी राशि का भुगतान किया जा रहा है, तो बीच की राशि कहां जा रही है। इस वित्तीय अनियमितता ने सफाईकर्मियों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।

सुरक्षा उपकरणों का अभाव

वेतन के अलावा, सफाईकर्मियों ने काम के दौरान सुरक्षा उपकरणों की कमी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि शहर की गंदगी साफ करने के बावजूद उन्हें न तो ड्रेस दी गई है और न ही जूते, ग्लव्स या मास्क जैसे जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। बिना सुरक्षा सामग्री के काम करने से उनके स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है।

एक सफाईकर्मी ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि वे सुबह से शाम तक शहर को स्वच्छ रखने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं, लेकिन बदले में उन्हें न तो उचित पारिश्रमिक मिलता है और न ही सम्मानजनक कार्य परिस्थितियां। उन्होंने कहा कि सुरक्षा उपकरणों के अभाव में वे बीमारियों के प्रति अधिक संवेदनशील हो गए हैं।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

प्रदर्शन के दौरान सफाईकर्मियों ने स्पष्ट किया कि वे अब अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि नगर निगम प्रशासन और संबंधित एजेंसी ने जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया और उन्हें पूरा वेतन व सुरक्षा सुविधाएं नहीं दी गईं, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक उग्र करने के लिए बाध्य होंगे।

फिलहाल, नगर निगम प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सफाईकर्मियों की इस हड़ताल और प्रदर्शन से शहर की सफाई व्यवस्था पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय प्रशासन अब इस मामले में क्या कदम उठाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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