सिरसा: नशा तस्करों को रिश्वत लेकर छोड़ने वाला हेड कांस्टेबल सस्पेंड
सिरसा जिले के डबवाली पुलिस जिला में नशा मामले में हेड कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है। आरोप है कि नशीली गोलियां मामले में दो आरोपियों को पकड़ा था और हेड कांस्टेबल ने उन आरोपी को पैसे लेकर छोड़ दिया।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

डबवाली पुलिस का बड़ा एक्शन
हरियाणा के सिरसा जिले के डबवाली पुलिस क्षेत्र में भ्रष्टाचार और नशा तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की गई है। चौटाला चौकी पर तैनात एक हेड कांस्टेबल को नशा तस्करों के साथ मिलीभगत और रिश्वत लेने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।
आरोपी हेड कांस्टेबल संदीप पर आरोप है कि उसने नशीली गोलियों के साथ पकड़े गए दो आरोपियों को पुलिस हिरासत से छोड़ने के बदले अवैध रूप से पैसे लिए थे। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए डबवाली की पुलिस अधीक्षक जसलीन कौर ने विभागीय जांच के आदेश दिए हैं और आरोपी को सस्पेंड कर दिया है।
ग्रामीणों की शिकायत के बाद हरकत में आई पुलिस
इस पूरे प्रकरण की शुरुआत तब हुई जब चौटाला गांव के ग्रामीणों ने खुलेआम बिक रहे नशे और पुलिस की संदिग्ध भूमिका को लेकर इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों का आरोप था कि पुलिस की मिलीभगत के बिना इलाके में नशा तस्करी इतनी आसानी से नहीं हो सकती। इसके बाद अभय चौटाला ने सीधे पुलिस अधीक्षक से इस विषय पर बात की थी।
बातचीत के दौरान संतोषजनक जवाब न मिलने पर चेतावनी दी गई थी कि यदि एक सप्ताह के भीतर नशा माफिया और उनके मददगार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो एसपी कार्यालय का घेराव किया जाएगा। इस दबाव के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और चौकी का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण में खुली पोल
एसपी जसलीन कौर ने चौटाला चौकी का दौरा कर वहां की कार्यप्रणाली और नशा तस्करी से जुड़ी रिपोर्ट तलब की। इस दौरान पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ा दी और नशा बेचने वालों के खिलाफ सख्त निर्देश जारी किए। इसी दौरान जांच में हेड कांस्टेबल संदीप की संदिग्ध भूमिका सामने आई, जिसके बाद उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हेड कांस्टेबल संदीप की नियुक्ति चौटाला चौकी पर महज दो से तीन महीने पहले ही हुई थी। इससे पहले वह एएनसी (ANC) टीम का हिस्सा था। उसे विशेष रूप से इलाके में नशे पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से वहां तैनात किया गया था, लेकिन उसने अपनी जिम्मेदारी के विपरीत तस्करों को संरक्षण देना शुरू कर दिया।
आगे की कार्रवाई
पुलिस प्रवक्ता आनंद बेनीवाल ने पुष्टि की है कि प्राथमिक जांच में हेड कांस्टेबल संदीप की संलिप्तता स्पष्ट रूप से सामने आई है। फिलहाल उसे निलंबित कर दिया गया है और उसके खिलाफ विभागीय जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद उसके खिलाफ और भी सख्त कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।
यह घटना पुलिस विभाग के लिए एक बड़ा सबक है, जहां एक ओर पुलिस नशे के खिलाफ अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर विभाग के भीतर बैठे कुछ भ्रष्ट लोग इस अभियान को कमजोर करने का काम कर रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी यदि कोई पुलिसकर्मी नशा तस्करों के साथ मिला हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!