सीकर निकाय चुनाव: नामांकन पत्रों की जांच में 96 उम्मीदवार बाहर, भाजपा के कई वार्डों में बदले समीकरण
सीकर में आज निकाय चुनाव के लिए जमा हुए नामांकन की स्क्रुटनी का काम हुआ। सीकर में 65 वार्डों के 96 नामांकन रिजेक्ट हुए हैं।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

सीकर में आगामी निकाय चुनाव को लेकर नामांकन पत्रों की जांच प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इस प्रक्रिया के दौरान कुल 65 वार्डों के लिए दाखिल किए गए नामांकन पत्रों में से 96 को तकनीकी खामियों और अन्य कारणों से खारिज कर दिया गया है। चुनाव आयोग द्वारा की गई इस स्क्रूटनी के बाद अब चुनावी मैदान में बचे उम्मीदवारों की स्थिति स्पष्ट हो गई है।
नामांकन रद्द होने की मुख्य वजह
अधिकारियों के अनुसार, जिन उम्मीदवारों के नामांकन रद्द हुए हैं, उनमें से अधिकांश वे लोग थे जिन्होंने पार्टी से टिकट न मिलने के बावजूद निर्दलीय या बागी के रूप में अपना पर्चा दाखिल किया था। नामांकन प्रक्रिया के दौरान दस्तावेजों में कमी और नियमों का पालन न करने के कारण इन उम्मीदवारों को बाहर का रास्ता देखना पड़ा। कुल 440 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए थे, जिनमें से 96 के बाहर होने के बाद अब शेष उम्मीदवार ही चुनावी दौड़ में बने रहेंगे।
दूसरी ओर, प्रमुख राजनीतिक दलों के लिए यह प्रक्रिया काफी महत्वपूर्ण रही। कांग्रेस पार्टी के लिए राहत की खबर यह है कि उनके सभी 65 घोषित उम्मीदवारों के नामांकन सही पाए गए हैं और किसी का भी पर्चा खारिज नहीं हुआ है। इससे कांग्रेस के सभी अधिकृत प्रत्याशी अब चुनावी मैदान में अपनी दावेदारी मजबूती से पेश करेंगे।
भाजपा के सामने प्रत्याशियों को लेकर चुनौती
भारतीय जनता पार्टी के लिए नामांकन के दौरान कुछ वार्डों में स्थिति थोड़ी उलझी हुई नजर आई। वार्ड नंबर 4 में पार्टी ने मोहम्मद आसिफ को अपना अधिकृत उम्मीदवार घोषित किया था, लेकिन उन्होंने नामांकन दाखिल नहीं किया। इस स्थिति में पार्टी ने अब सुभाष चंद्र शर्मा को अपना सिंबल देने का निर्णय लिया है, जो अब भाजपा के आधिकारिक प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ेंगे।
इसी तरह की स्थिति वार्ड नंबर 23 में भी देखने को मिली। यहां भाजपा ने मोहम्मद साहिद को टिकट दिया था, लेकिन उनके द्वारा नामांकन न भरने के कारण पार्टी ने पवन कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया है। पवन कुमार को अब पार्टी का आधिकारिक सिंबल आवंटित किया जाएगा।
वार्ड नंबर 16 में भी भाजपा को अपने प्रत्याशी में बदलाव करना पड़ा। यहां पार्टी ने मोहम्मद वसीम को टिकट दिया था, लेकिन वसीम और इस्ताक दोनों के नामांकन खारिज हो गए। इस वार्ड में अब अनीता भाजपा की अधिकृत प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ेंगी।
युवा और अनुभवी चेहरों का संतुलन
सीकर निकाय चुनाव में इस बार राजनीतिक दलों ने एक दिलचस्प रणनीति अपनाई है। जहां एक ओर अनुभवी चेहरों पर भरोसा जताया गया है, वहीं दूसरी ओर 'जेन-जी' (Gen-Z) पीढ़ी के युवाओं को भी मौका दिया गया है। दोनों प्रमुख पार्टियों ने युवाओं और बुजुर्गों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है। कुल 10 युवा चेहरों को चुनावी मैदान में उतारकर पार्टियों ने भविष्य की राजनीति की ओर संकेत दिया है।
नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब चुनाव प्रचार ने गति पकड़ ली है। सभी प्रत्याशी अपने-अपने वार्डों में मतदाताओं को लुभाने के लिए जुट गए हैं। प्रशासन ने भी चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। आने वाले दिनों में चुनावी सरगर्मी और तेज होने की उम्मीद है।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!