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सीकर में आधी रात को सड़कों पर उतरीं जज, नियमों को ताक पर रखकर दौड़ रहीं 11 बसों पर हुई कार्रवाई

सीकर में महिला जज शालिनी गोयल ने डीलक्स और स्लीपर कोच बसों‌ की गुरुवार रात चैकिंग की। टीम में CJM हेमंत जानू, DTO ताराचंद बंजारा और ट्रैफिक DSP पूनम भरगड़ समेत पुलिस और परिवहन विभाग के कार्मिक शामिल थे।

मुश्ताक अहमद खान

मुश्ताक अहमद खान

Editor In Chief

6 अगस्त 20262 मिनट पढ़ें
सीकर में आधी रात को सड़कों पर उतरीं जज, नियमों को ताक पर रखकर दौड़ रहीं 11 बसों पर हुई कार्रवाई
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सड़कों पर औचक निरीक्षण से मचा हड़कंप

राजस्थान के सीकर जिले में गुरुवार देर रात एक विशेष अभियान के तहत सड़कों पर दौड़ रही लग्जरी और स्लीपर बसों की सघन जांच की गई। इस औचक निरीक्षण का नेतृत्व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव और अपर जिला जज शालिनी गोयल ने किया। अचानक हुई इस कार्रवाई से बस संचालकों और ड्राइवरों में हड़कंप मच गया। जांच के दौरान कई बसें नियमों का उल्लंघन करती हुई पाई गईं, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए।

इस विशेष टीम में अपर जिला जज शालिनी गोयल के साथ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) हेमंत जानू, जिला परिवहन अधिकारी (DTO) ताराचंद बंजारा और ट्रैफिक डीएसपी पूनम भरगड़ शामिल थे। पुलिस और परिवहन विभाग के संयुक्त दल ने शहर के विभिन्न मार्गों पर गुजरने वाली बसों को रोककर उनके दस्तावेजों और सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की। यह कार्रवाई लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अमल में लाई गई।

सुरक्षा मानकों की जांच और नियमों का उल्लंघन

जांच के दौरान अधिकारियों ने मोटर वाहन अधिनियम-1988 और राज्य सरकार द्वारा निर्धारित एसओपी (SOP) के तहत बसों की पड़ताल की। टीम ने बसों के रजिस्ट्रेशन, परमिट, फिटनेस सर्टिफिकेट, बीमा और प्रदूषण प्रमाण पत्रों की जांच की। इसके अलावा, यात्रियों की सुरक्षा के लिए अनिवार्य आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट), अग्निशमन यंत्र, इमरजेंसी हैमर और फर्स्ट एड किट की भी जांच की गई। कई बसों में ढांचे से जुड़े अनाधिकृत बदलाव भी पाए गए।

अपर जिला जज शालिनी गोयल ने बताया कि कुल 15 लग्जरी और स्लीपर कोच बसों को रोककर जांच की गई। इनमें से 11 बसों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। नियमों को दरकिनार कर संचालन करने वाली इन बसों पर तत्काल प्रभाव से जुर्माना लगाया गया। कार्रवाई के दौरान कुल 2 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया, जबकि सुरक्षा मानकों में भारी लापरवाही बरतने वाली 3 स्लीपर बसों को मौके पर ही जब्त कर लिया गया।

यात्री सुरक्षा के प्रति प्रशासन सख्त

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शालिनी गोयल ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क परिवहन को सुरक्षित बनाना और सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाना है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। बस संचालकों को हिदायत दी गई है कि वे निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करें, अन्यथा भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

यह कार्रवाई न केवल नियमों के पालन के लिए एक संदेश है, बल्कि उन यात्रियों के लिए भी राहत की बात है जो लंबी दूरी की यात्रा के लिए इन स्लीपर बसों का उपयोग करते हैं। अक्सर बसों में सुरक्षा उपकरणों की कमी और परमिट की अनदेखी की शिकायतें सामने आती रही हैं। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी औचक निरीक्षण का यह सिलसिला जारी रहेगा ताकि सड़क पर चलने वाले हर वाहन की फिटनेस और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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