शिवपुरी में मानसून का जोर: मड़ीखेड़ा डैम 92 फीसदी से ज्यादा भरा, गेट खोलकर पानी की निकासी जारी
शिवपुरी जिले में पिछले चार दिनों से लगातार बारिश का दौर जारी है। इससे जलस्रोतों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में पिछले चार दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन और जलस्रोतों की स्थिति बदल दी है। लगातार हो रही वर्षा के कारण जिले के प्रमुख जल स्रोतों का जलस्तर तेजी से ऊपर आया है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले चार दिनों में ही जिले में लगभग 6.65 इंच (169.01 मिमी) बारिश दर्ज की गई है, जिसने जिले के औसत वर्षा के आंकड़ों को सामान्य से ऊपर पहुंचा दिया है।
सामान्य से अधिक वर्षा का आंकड़ा
भू-अभिलेख विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, शिवपुरी जिले की सामान्य वार्षिक औसत वर्षा 816.3 मिमी है। हालांकि, इस मानसून सीजन में अब तक कुल 870.53 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य औसत से 54.23 मिमी अधिक है। जिले की विभिन्न तहसीलों में बारिश का वितरण भी काफी अच्छा रहा है, जिसमें बदरवास में सर्वाधिक 951.50 मिमी और पिछोर में 934 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
अन्य तहसीलों की बात करें तो शिवपुरी में 899.80 मिमी, करैरा में 895.10 मिमी, नरवर में 881 मिमी, बैराड़ में 878 मिमी, पोहरी में 859 मिमी, खनियाधाना में 788.50 मिमी और कोलारस में 747.90 मिमी बारिश दर्ज की गई है। यह व्यापक वर्षा जिले के भूजल स्तर और सिंचाई परियोजनाओं के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
अटल सागर मड़ीखेड़ा डैम की स्थिति
लगातार बारिश और ऊपरी इलाकों से पानी की भारी आवक के कारण सिंध परियोजना के अंतर्गत आने वाला अटल सागर मड़ीखेड़ा डैम अब अपनी पूर्ण क्षमता के करीब पहुंच गया है। रविवार सुबह 8 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, डैम का जलस्तर 345.30 मीटर दर्ज किया गया, जबकि इसका पूर्ण भराव स्तर (FRL) 346.25 मीटर निर्धारित है। वर्तमान में डैम 92.14 प्रतिशत तक भर चुका है।
डैम में वर्तमान में 769.19 एमसीएम पानी का भंडारण है। पिछले 24 घंटों के दौरान डैम में औसतन 1149.94 क्यूमेक्स पानी की आवक दर्ज की गई है, जो जलस्तर बढ़ने का मुख्य कारण है। प्रशासन और सिंचाई विभाग लगातार जलस्तर पर कड़ी निगरानी बनाए हुए है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
सुरक्षा के लिए गेटों से पानी की निकासी
डैम में पानी की बढ़ती आवक को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए गेट खोल दिए हैं। सुबह 7:30 बजे की स्थिति के अनुसार, डैम के गेट नंबर 5 और 6 को एक-एक मीटर तथा गेट नंबर 4 और 7 को 0.5-0.5 मीटर खोला गया था। इसके अलावा पावर हाउस के माध्यम से 135.42 क्यूमेक्स और उकायला की ओर 5 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है।
कुल आउटफ्लो की बात करें तो सुबह 8 बजे के आंकड़ों के अनुसार डैम से लगभग 950.06 क्यूमेक्स पानी की निकासी की जा रही थी। अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर और आवक के आधार पर ही गेटों को खोलने या बंद करने का निर्णय लिया जा रहा है ताकि निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति न बने।
पिछले वर्ष से तुलना
पिछले वर्ष की स्थिति से तुलना करें तो इस बार जलभराव थोड़ा कम है। 6 सितंबर 2025 को डैम का जलस्तर 345.90 मीटर था और यह 97.09 प्रतिशत भरा हुआ था। उस समय कुल जल भंडारण 810.56 एमसीएम था, जो इस वर्ष के मुकाबले करीब 41.37 एमसीएम अधिक था। साथ ही, पिछले वर्ष इस तारीख तक जिले में कुल 1371.52 मिमी औसत बारिश हो चुकी थी, जो इस वर्ष की तुलना में काफी अधिक है।
फिलहाल, सिंध परियोजना क्षेत्र में प्रशासन द्वारा अलर्ट जारी रखा गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण डैम में पानी की आवक बनी हुई है, जिसके चलते जल संसाधन विभाग के कर्मचारी और अधिकारी 24 घंटे डैम की निगरानी कर रहे हैं ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या या जलस्तर में अचानक उछाल आने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!