ब्रेकिंग
करौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शवजोधपुर फैक्ट्री ब्लास्ट: इलाज के दौरान दूसरे फायर फाइटर ने तोड़ा दम, एक की हालत अब भी नाजुकसागर: आदतन अपराधी मुलायम यादव पर जिला प्रशासन का कड़ा एक्शन, छह महीने के लिए किया जिलाबदरलखनऊ: दुबग्गा में 10 साल की मासूम से दुष्कर्म, ममेरा भाई गिरफ्तारबीकानेर नगर निगम की लापरवाही: करोड़ों के 35 नए टिपर कबाड़ में तब्दील, फर्म की मनमानी से बढ़ा संकटपानीपत: इलाज में लापरवाही और 3 हजार के विवाद के बीच महिला की मौत, परिजनों ने किया हंगामा
करौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शवजोधपुर फैक्ट्री ब्लास्ट: इलाज के दौरान दूसरे फायर फाइटर ने तोड़ा दम, एक की हालत अब भी नाजुकसागर: आदतन अपराधी मुलायम यादव पर जिला प्रशासन का कड़ा एक्शन, छह महीने के लिए किया जिलाबदरलखनऊ: दुबग्गा में 10 साल की मासूम से दुष्कर्म, ममेरा भाई गिरफ्तारबीकानेर नगर निगम की लापरवाही: करोड़ों के 35 नए टिपर कबाड़ में तब्दील, फर्म की मनमानी से बढ़ा संकटपानीपत: इलाज में लापरवाही और 3 हजार के विवाद के बीच महिला की मौत, परिजनों ने किया हंगामा

शेखपुरा: बाल विज्ञान कांग्रेस के लिए 125 शिक्षकों को मिला विशेष प्रशिक्षण, नवाचार को मिलेगा बढ़ावा

शेखपुरा में 32वीं राज्यस्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस की सफलता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सोमवार को स्थानीय डाइट परिसर में विज्ञान शिक्षकों के लिए एक उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में जिले के मध्य, माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के कुल 125 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

27 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें
शेखपुरा: बाल विज्ञान कांग्रेस के लिए 125 शिक्षकों को मिला विशेष प्रशिक्षण, नवाचार को मिलेगा बढ़ावा
मूल स्रोत

शेखपुरा जिले में 32वीं राज्यस्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस की तैयारियों को गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। स्थानीय डाइट परिसर में विज्ञान के शिक्षकों के लिए एक विशेष उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के मध्य, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के 125 शिक्षकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आगामी विज्ञान कांग्रेस को सफल बनाना और छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना है।

वैज्ञानिक शोध और नवाचार पर जोर

राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के जिला समन्वयक आचार्य गोपाल जी ने बताया कि इस प्रशिक्षण सत्र का केंद्र बिंदु प्रकृति संरक्षण से जुड़े विभिन्न विषय थे। शिक्षकों को कचरा प्रबंधन के लिए R5 तकनीक, ऊर्जा संरक्षण के लिए E4 मॉडल, जल संचयन, कृषि, भोजन एवं स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। इसके अलावा, निरंतरता के लिए भारतीय ज्ञान प्रणाली के अनुप्रयोग पर भी विशेष चर्चा की गई ताकि शिक्षक अपने छात्रों को व्यावहारिक और शोध-आधारित प्रोजेक्ट तैयार करने में मदद कर सकें।

प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि शिक्षकों को इस योग्य बनाना है कि वे अपने विद्यालयों में छात्रों की नवाचारी सोच को पहचान सकें। शिक्षक अब छात्रों को शोध कार्य करने और वैज्ञानिक समस्याओं के समाधान खोजने के लिए बेहतर मार्गदर्शन प्रदान कर सकेंगे। यह प्रयास जिले के छात्रों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का एक बड़ा मंच प्रदान करेगा।

दो महीने बाद होगी जिला स्तरीय प्रतियोगिता

कार्यशाला में यह स्पष्ट किया गया कि अब से दो महीने के भीतर जिला स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इस प्रतियोगिता में छात्र अपने द्वारा तैयार किए गए वैज्ञानिक मॉडल और शोध प्रतिदर्श प्रस्तुत करेंगे। जिला स्तर पर चयनित होने वाले बाल वैज्ञानिक राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे और वहां से सफल प्रतिभागी राष्ट्रीय स्तर पर जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस पूरी प्रक्रिया का लक्ष्य जमीनी स्तर पर विज्ञान के प्रति रुचि पैदा करना है।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर शिक्षा विभाग की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी प्रियंका कुमारी, डाइट के प्रभारी सुशांत सौरभ, जिला माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष रवि कुमार और परीक्षा सचिव गुंजन कुमार सहित कई शिक्षाविद उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता रवि कुमार ने की, जबकि समापन पर कोषाध्यक्ष अंकित कुमार ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

विशेषज्ञों ने किया प्रशिक्षित

इस कार्यशाला को सफल बनाने में मुख्य प्रशिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। यशपाल जी, अमित कुमार, प्रहलाद कुमार, श्वेता सुमन, नम्रता सिंहा, राकेश कुमार और राजीव कुमार ने शिक्षकों को तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रशिक्षण के अंत में सभी प्रतिभागियों को उनके योगदान और सीखने के प्रति समर्पण के लिए प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

यह कार्यशाला न केवल शिक्षकों के कौशल विकास के लिए एक मंच साबित हुई, बल्कि जिले में विज्ञान शिक्षा के भविष्य को भी नई दिशा देने का काम करेगी। आने वाले महीनों में विद्यालयों में होने वाली गतिविधियां यह तय करेंगी कि शेखपुरा के बाल वैज्ञानिक राष्ट्रीय पटल पर कितनी मजबूती के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं।

SponsoredMushfan Digital Studios - We Build Brands. We Grow Businesses.

टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

संबंधित खबरें