शाहजहांपुर: प्लाईवुड फैक्ट्री में SIB का बड़ा छापा, 70 करोड़ के टर्नओवर पर महज 34 लाख का टैक्स
शाहजहांपुर में राज्य कर विभाग की विशेष जांच शाखा (SIB) बरेली की टीम ने सोमवार दोपहर करीब 2 बजे जमौर क्षेत्र स्थित सर्वश्री प्लाई वेड प्रोडक्ट्स की प्लाईवुड फैक्टरी पर छापा मारा। फर्म पर बिना बिल और कच्चे बिल के जरिए माल बेचकर टैक्स बेचकर टैक्स चोरी की शिकायतें मिल रही थीं।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में राज्य कर विभाग की विशेष जांच शाखा (SIB) बरेली की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सोमवार दोपहर जमौर क्षेत्र में स्थित 'सर्वश्री प्लाई वेड प्रोडक्ट्स' की फैक्ट्री पर अचानक छापेमारी की गई। इस कार्रवाई का मुख्य कारण फर्म द्वारा बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की मिल रही शिकायतें थीं। करीब 20 सदस्यीय टीम ने स्थानीय पुलिस बल के साथ मिलकर फैक्ट्री परिसर और संबंधित व्यापारिक ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया।
घोषित टर्नओवर और टैक्स भुगतान में भारी विसंगतियां
SIB अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती गोपनीय जांच और रेकी के दौरान फर्म के घोषित कारोबार और वास्तविक गतिविधियों में बड़ा अंतर पाया गया था। जब टीम ने फैक्ट्री के रिकॉर्ड खंगाले, तो पता चला कि पिछले एक वर्ष में फर्म ने 70 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री दिखाई थी। हालांकि, इस भारी-भरकम टर्नओवर के बदले सरकारी खजाने में केवल 34 लाख रुपये का टैक्स जमा किया गया, जो विभाग की नजर में बेहद संदिग्ध है।
जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। फर्म के रिकॉर्ड में 55 करोड़ रुपये की बिक्री को दाल, सब्जी और अन्य टैक्स-मुक्त या कम टैक्स वाली वस्तुओं के रूप में दिखाया गया था। अधिकारियों ने बताया कि फैक्ट्री का मुख्य व्यवसाय प्लाईवुड का निर्माण और बिक्री है, लेकिन परिसर में ऐसी किसी भी वस्तु का व्यापार नहीं हो रहा था। इसे टैक्स बचाने का एक बड़ा हथकंडा माना जा रहा है।
दस्तावेज जब्त, स्टॉक का मिलान जारी
छापेमारी के दौरान फैक्ट्री में 100 से अधिक कर्मचारी काम करते हुए पाए गए। टीम ने मौके से अकाउंट बुक्स, बिल बुक्स, खरीद-बिक्री के दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले लिए हैं। इसके साथ ही फैक्ट्री में मौजूद माल के स्टॉक का भौतिक सत्यापन भी किया जा रहा है ताकि रिकॉर्ड में दर्ज आंकड़ों की सच्चाई का पता लगाया जा सके।
अधिकारियों का मानना है कि प्लाईवुड के महंगे कारोबार को छुपाने के लिए उसे कागजों पर दाल-सब्जी जैसे उत्पादों के नाम पर दिखाया गया, ताकि टैक्स की देनदारी को कम किया जा सके। हालांकि, विभाग ने इसे अभी प्रारंभिक जांच का हिस्सा बताया है और विस्तृत रिपोर्ट के बाद ही वास्तविक चोरी की राशि स्पष्ट हो पाएगी।
आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी
SIB की टीम फिलहाल जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और दस्तावेजों का बारीकी से विश्लेषण कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद टैक्स चोरी की सटीक राशि का निर्धारण किया जाएगा। साक्ष्यों के आधार पर फर्म के खिलाफ नियमानुसार कड़ी विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस छापेमारी से स्थानीय व्यापारिक जगत में हड़कंप मचा हुआ है।
यह कार्रवाई राज्य कर विभाग द्वारा टैक्स चोरी रोकने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। विभाग का स्पष्ट संदेश है कि यदि कोई भी फर्म अपने वास्तविक कारोबार को छुपाकर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाएगी, तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल फैक्ट्री परिसर में जांच प्रक्रिया जारी है और आगामी दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!