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यूजीसी रेगुलेशन-2026 के खिलाफ सवर्ण समाज का बिगुल, 15 हजार किमी की यात्रा के बाद दिल्ली में महापंचायत

समस्त सवर्ण समाज ने यूजीसी रेगुलेशन-2026 के विरोध में देशव्यापी जनजागरण अभियान का बिगुल फूंक दिया है। इस अभियान के तहत 5 अगस्त से 15 हजार किलोमीटर लंबी वाहन यात्रा प्रारंभ की गई है।

मोहम्मद नवेद

मोहम्मद नवेद

एडिटर

7 अगस्त 20262 मिनट पढ़ें
यूजीसी रेगुलेशन-2026 के खिलाफ सवर्ण समाज का बिगुल, 15 हजार किमी की यात्रा के बाद दिल्ली में महापंचायत
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यूजीसी रेगुलेशन-2026 के विरोध में सवर्ण समाज ने देशभर में एक व्यापक जनजागरण अभियान की शुरुआत की है। इस विरोध प्रदर्शन के तहत 5 अगस्त से एक विशाल वाहन यात्रा का आगाज किया गया है, जो करीब 15 हजार किलोमीटर की दूरी तय करेगी। यह यात्रा देश के विभिन्न राज्यों से गुजरते हुए लोगों को नए रेगुलेशन के प्रावधानों और उनसे होने वाले संभावित नुकसानों के प्रति जागरूक करने का काम कर रही है।

विभिन्न राज्यों से होकर गुजरेगी यात्रा

यह वाहन यात्रा राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों के दर्जनों जिलों से होकर गुजर रही है। यात्रा का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर जाकर विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और आम नागरिकों तक पहुंच बनाना है। क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने सलूंबर में इस यात्रा की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि यूजीसी के नए नियमों को लेकर समाज में गहरा असंतोष है।

डॉ. शेखावत के अनुसार, इस यात्रा के दौरान विभिन्न जिलों में जनसंवाद, पंचायतें और सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से संगठन यह सुनिश्चित कर रहा है कि यूजीसी रेगुलेशन-2026 से जुड़े विवादास्पद बिंदुओं पर आम जनता को स्पष्ट जानकारी मिल सके। प्रेस वार्ता और जनसंपर्क के जरिए सरकार पर अपनी मांगों को लेकर दबाव बनाने की रणनीति तैयार की गई है।

23 अगस्त को दिल्ली में सवर्ण आक्रोश महापंचायत

इस 15 हजार किलोमीटर लंबी यात्रा का समापन 23 अगस्त को दिल्ली में होगा। दिल्ली में आयोजित होने वाली 'सवर्ण आक्रोश महापंचायत' में देशभर से शिक्षाविद, विद्यार्थी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल होंगे। आयोजकों का दावा है कि यह महापंचायत सरकार को अपनी मांगों पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर करने का एक बड़ा मंच साबित होगी।

महापंचायत का मुख्य एजेंडा यूजीसी रेगुलेशन-2026 को पूरी तरह से वापस लेने की मांग करना है। डॉ. शेखावत ने स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार इन नियमों को लेकर अपनी नीति में बदलाव नहीं करती, तब तक समाज का विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। दिल्ली में जुटने वाली यह भीड़ सरकार के समक्ष अपनी बात मजबूती से रखने की तैयारी में है।

क्यों हो रहा है विरोध?

यूजीसी रेगुलेशन-2026 को लेकर सवर्ण समाज की ओर से कई आपत्तियां जताई गई हैं। हालांकि, विस्तृत तकनीकी पहलुओं पर चर्चा जारी है, लेकिन संगठन का मानना है कि ये नियम शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के भविष्य के लिए प्रतिकूल हो सकते हैं। इसी चिंता को लेकर देशभर में विरोध की लहर देखी जा रही है।

आने वाले दिनों में यह यात्रा जैसे-जैसे दिल्ली की ओर बढ़ेगी, वैसे-वैसे इसमें और अधिक लोगों के जुड़ने की संभावना है। स्थानीय स्तर पर हो रही सभाओं में मिल रहे समर्थन से आयोजक उत्साहित हैं। अब सभी की निगाहें 23 अगस्त को दिल्ली में होने वाली महापंचायत पर टिकी हैं, जहां से इस आंदोलन की अगली दिशा तय की जाएगी।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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