संभल: जलभराव और कीचड़ के बीच से गुजरी शव यात्रा, बदहाल सड़कों से स्थानीय लोग परेशान
संभल में लगातार चार दिन की बारिश के बाद सड़कों पर कीचड़, गंदगी और जलभराव की गंभीर स्थिति बनी हुई है। यह घटना बीते शनिवार को हुई, जब मोहल्ला निवासी 32 वर्षीय कलवा पुत्र जगपाल का आकस्मिक निधन हो गया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में पिछले चार दिनों से हो रही लगातार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। शहर के कई इलाकों में सड़कों पर जलभराव, गंदगी और कीचड़ की समस्या विकराल हो गई है। इस बदहाली का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शनिवार को एक शव यात्रा को घुटनों तक भरे कीचड़ और पानी के बीच से गुजरना पड़ा, जिससे स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश है।
कीचड़ में जूते हाथ में लेकर अंतिम संस्कार को निकले परिजन
यह घटना हातिम सराय प्रजापति मोहल्ले (वार्ड संख्या 02) की है। शनिवार शाम करीब 6 बजे मोहल्ले के 32 वर्षीय कलवा पुत्र जगपाल का आकस्मिक निधन हो गया। परिवार और मोहल्ले के लोग जब उनकी अंतिम यात्रा लेकर श्मशान घाट की ओर निकले, तो उन्हें घर से निकलते ही भीषण जलभराव का सामना करना पड़ा। लगभग 30 मीटर तक का रास्ता पूरी तरह से कीचड़ और गंदे पानी में डूबा हुआ था।
शोक में डूबे परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए जाते समय अपने जूते-चप्पल हाथों में पकड़ने पड़े। कीचड़ और गंदगी से भरे इस रास्ते से शव को ले जाना न केवल कष्टकारी था, बल्कि यह स्थानीय निकाय की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। परिजनों और स्थानीय निवासियों ने इस स्थिति को बेहद अपमानजनक और दुखद बताया है।
लंबे समय से उपेक्षित है नाला निर्माण और सड़क की मांग
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे लंबे समय से सड़क के निर्माण और जल निकासी के लिए उचित नाला व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। हालांकि, बार-बार गुहार लगाने के बावजूद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि सड़क की बदहाली के कारण उन्हें आए दिन दुर्घटनाओं और बीमारियों के खतरे का सामना करना पड़ता है।
मोहल्ले के निवासी जयपाल सिंह ने बताया कि यहां पास में ही शनिदेव का मंदिर है, जहां शनिवार के दिन बड़ी संख्या में महिलाएं दर्शन के लिए आती हैं। जलभराव और कीचड़ के कारण श्रद्धालुओं को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि वार्ड सदस्य और चेयरमैन को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दी गई हैं, लेकिन हर बार आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला।
आमजन की मुश्किलें और प्रशासन की चुप्पी
स्थानीय निवासी डालचंद्र ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि कीचड़ के कारण लोगों के पैर खराब हो रहे हैं और आवाजाही करना दूभर हो गया है। बुजुर्ग चंदर ने भी चिंता जताते हुए कहा कि गंदगी के बीच से गुजरना मजबूरी बन गया है, जिससे संक्रमण फैलने का डर भी बना रहता है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नाले की सफाई और सड़क का निर्माण नहीं कराया गया, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती है।
इस पूरे मामले पर स्थानीय प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। बारिश के बाद सड़कों पर फैली गंदगी और जलभराव के कारण लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है। निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं निकाला गया, तो वे बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!