सलूंबर: खाद्य सुरक्षा अधिकारी 10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, दुकानदारों को डराकर वसूलता था अवैध वसूली
सलूंबर में फूड सेफ्टी ऑफिसर घनश्याम सोलंकी को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया गया है। आरोपी ने फूड सैंपल चेक करने के एवज में साल में दो बार रिश्वत की मांग की थी।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

दुकानदारों को जेल भेजने की धमकी देकर मांगी थी घूस
राजस्थान के सलूंबर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारी (FSO) घनश्याम सिंह सोलंकी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी पर आरोप है कि वह खाद्य नमूनों की जांच के नाम पर दुकानदारों को परेशान करता था और उनसे अवैध वसूली करता था।
मामले की शुरुआत 10 अगस्त को हुई, जब उदयपुर एसीबी को एक शिकायत प्राप्त हुई। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी अधिकारी ने उसकी किराणा दुकान और कोल्ड ड्रिंक एजेंसी के निरीक्षण के दौरान अनावश्यक दबाव बनाया। अधिकारी ने शिकायतकर्ता को कानूनी कार्रवाई करने, भारी जुर्माना लगाने और जेल भेजने की धमकी देकर रिश्वत की मांग की थी।
साल में दो बार वसूली का बनाया था दबाव
जांच में सामने आया कि आरोपी घनश्याम सिंह सोलंकी ने अपनी धमकियों का सिलसिला जारी रखते हुए शिकायतकर्ता से साल में दो बार 10-10 हजार रुपये की मांग की थी। आरोपी का कहना था कि यदि दुकान और एजेंसी को बिना किसी बाधा के चलाना है, तो उसे नियमित रूप से यह रकम देनी होगी। 9 अगस्त को आरोपी अपनी टीम के साथ शिकायतकर्ता की दुकान पर पहुंचा और घी के चार पैकेट नमूने के तौर पर जब्त कर लिए, जिसके बाद उसने फिर से पैसों के लिए दबाव बनाया।
एसीबी ने शिकायत मिलने के बाद मामले का सत्यापन किया। सत्यापन के दौरान यह स्पष्ट हो गया कि अधिकारी वास्तव में अवैध रूप से धन की मांग कर रहा था। आरोपी ने अपनी सरकारी अनुबंधित गाड़ी में बैठकर शिकायतकर्ता से पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये स्वीकार किए और बाकी की राशि बाद में लेने की बात तय की थी।
कार्यालय परिसर में एसीबी का जाल
मांग की पुष्टि होने के बाद एसीबी की टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी घनश्याम सिंह सोलंकी ने अपने कार्यालय परिसर में शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये की नकदी ली, टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। इस कार्रवाई के दौरान एसीबी के अधिकारियों ने मौके से रिश्वत की राशि बरामद कर ली है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि इस कार्रवाई का नेतृत्व उदयपुर एसीबी की टीम ने किया। एसीबी के अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक एस परिमला के मार्गदर्शन में इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। आरोपी अधिकारी से अब गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने और किन-किन लोगों से इसी तरह वसूली की है।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसीबी अब आरोपी के आवास और अन्य ठिकानों की भी जांच कर रही है ताकि उसकी आय से अधिक संपत्ति का पता लगाया जा सके। इस कार्रवाई से सलूंबर के अन्य व्यापारियों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है, जो लंबे समय से इस तरह की अवैध वसूली से परेशान थे।
एसीबी ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी किसी भी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो वे तुरंत ब्यूरो के कार्यालय में संपर्क करें। विभाग का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!