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रेवाड़ी में 4.32 करोड़ की सड़क निर्माण पर उठे सवाल, रात के अंधेरे में काम का वीडियो वायरल

रात के अंधेरे में लेबर रेत पर मैटिरियल डालकर सड़क बनाती दिख रही है। जिसका एक वीडियो भी सामने आया है। सड़क निर्माण पर स्थानीय दुकानदारों ने भी सवाल उठाए हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

28 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें
रेवाड़ी में 4.32 करोड़ की सड़क निर्माण पर उठे सवाल, रात के अंधेरे में काम का वीडियो वायरल
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रेवाड़ी में सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल

हरियाणा के रेवाड़ी में 4.32 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही सड़क इन दिनों विवादों के घेरे में है। अग्रसेन चौक से रेलवे चौक तक मुख्य बाजार में बनाई जा रही इस सीसी रोड के निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने भारी नाराजगी जताई है। निर्माण कार्य के दौरान बरती जा रही कथित लापरवाही का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें श्रमिक रात के अंधेरे में मिट्टी के ऊपर ही निर्माण सामग्री डालते हुए दिखाई दे रहे हैं।

नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर उठ रहे ये सवाल तब और गंभीर हो जाते हैं जब निर्माण की प्रक्रिया मानकों के विपरीत नजर आती है। स्थानीय दुकानदारों का आरोप है कि सड़क बनाने से पहले न तो बेस तैयार किया गया और न ही उचित लेवलिंग का ध्यान रखा गया। कई दुकानदारों ने दावा किया है कि सड़क के नीचे कचरा दबा हुआ है और बिना किसी तकनीकी ढलान के सड़क का निर्माण किया जा रहा है, जिससे भविष्य में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है।

पहले भी विवादों में रही है नगर परिषद की कार्यशैली

यह पहली बार नहीं है जब रेवाड़ी नगर परिषद के विकास कार्यों पर सवाल खड़े हुए हैं। इससे पूर्व ब्रॉस मार्केट की सड़क निर्माण को लेकर भी विवाद हुआ था, जिसके बाद चंडीगढ़ से आई एक टीम ने सैंपल लिए थे। हालांकि, कई महीने बीत जाने के बाद भी उस जांच की रिपोर्ट आज तक सार्वजनिक नहीं की गई है। इसके अलावा, मानसून से पहले सीवरेज और नालों की सफाई के टेंडर और डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था भी लंबे समय से सुचारू नहीं हो पाई है, जिसके कारण शहरवासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने भी पूर्व में सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर की थीं। चुनाव के बाद नगर परिषद में नेतृत्व परिवर्तन के बावजूद कार्यप्रणाली में सुधार न होने से आम जनता में आक्रोश बढ़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि निर्माण कार्य केवल खानापूर्ति के लिए किया जा रहा है, जो पहली ही बरसात में अपनी पोल खोल देगा।

अधिकारियों का पक्ष और आगे की कार्रवाई

इस पूरे मामले पर नगर परिषद के ईओ अरुण नांदल ने सफाई देते हुए कहा कि वर्तमान में चल रहे अधिकांश कार्य उनके कार्यभार संभालने से पहले ही आवंटित किए जा चुके थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका प्रयास पूरी पारदर्शिता के साथ काम पूरा करने का है। निर्माण कार्यों की निगरानी की जिम्मेदारी कार्यकारी अभियंता और उनकी टीम की है।

ईओ ने आश्वासन दिया है कि यदि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की खामी या अनियमितता की शिकायत मिलती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार या अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, वायरल वीडियो और स्थानीय लोगों के विरोध के बाद प्रशासन पर काम की गुणवत्ता सुधारने का दबाव बढ़ गया है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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