रेवाड़ी: राशन डिपो में मिला 3644 किलो अतिरिक्त अनाज, भीगे हुए राशन के मामले में विभाग सख्त
जुलाई माह में रेवाड़ी की नई आबादी के डिपो में राशन बरसाती पानी में भिगने का मामला सामने आया था। जिसकी जांच में अब बड़ा खुलासा हुआ है।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

रेवाड़ी के राशन डिपो में अनियमितताओं का खुलासा
हरियाणा के रेवाड़ी जिले में राशन वितरण प्रणाली में बड़ी गड़बड़ी का मामला सामने आया है। नई आबादी क्षेत्र स्थित एक राशन डिपो की जांच के दौरान स्टॉक में भारी विसंगतियां पाई गई हैं। विभागीय जांच में डिपो संचालक के पास निर्धारित मात्रा से 3644 किलोग्राम गेहूं और चावल अतिरिक्त पाया गया है। इस खुलासे के बाद खाद्य आपूर्ति विभाग ने डिपो संचालक के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए जवाब तलब किया है।
यह पूरा मामला जुलाई महीने में शुरू हुआ था, जब भारी बारिश के कारण डिपो में रखा राशन पानी में भीगकर खराब हो गया था। स्थानीय लोगों ने जब डिपो संचालक को भीगे हुए अनाज को सुखाते हुए देखा और उससे बदबू आने की शिकायत की, तो विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया। इसके बाद दो सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया, जिसने डिपो के स्टॉक और संचालन की गहन पड़ताल की।
जांच में सामने आई गंभीर खामियां
जांच कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार, डिपो में न केवल अतिरिक्त अनाज मिला, बल्कि रिकॉर्ड मेंटेनेंस में भी भारी लापरवाही बरती गई थी। डिपो के बोर्ड पर स्टॉक की सही एंट्री नहीं थी और न ही वहां किसी अधिकारी का नाम या संपर्क नंबर दर्ज था। इसके अलावा, डिपो संचालक निगरानी कमेटी का प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करने में विफल रहा। स्थानीय निवासियों ने भी आरोप लगाया कि उन्हें राशन वितरण में भेदभाव किया जा रहा था और सरसों के तेल जैसी आवश्यक वस्तुएं भी पूरी मात्रा में नहीं दी जा रही थीं।
जुलाई की बारिश में कुल 5450 किलोग्राम राशन, जिसमें गेहूं और चीनी शामिल थे, पूरी तरह से भीग गया था। विभाग ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित डिपो और उससे जुड़े दो अन्य डिपो की सप्लाई तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दी थी। भीगे हुए राशन की रिकवरी का काम भी पूरा कर लिया गया है, लेकिन स्टॉक में अतिरिक्त अनाज मिलने से मामला और अधिक गंभीर हो गया है।
विभाग की अगली कार्रवाई की तैयारी
खाद्य आपूर्ति विभाग ने 11 अगस्त को डिपो संचालक को औपचारिक नोटिस जारी कर पांच दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता है, तो एकतरफा कार्रवाई की जाएगी। जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक नितेश सिंगला ने बताया कि डिपो की सप्लाई अभी भी निलंबित है और उपभोक्ताओं को राशन की सुविधा देने के लिए उन्हें दूसरे डिपो से अटैच कर दिया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि स्टॉक में अतिरिक्त अनाज मिलना एक गंभीर अनियमितता है, जिसकी जांच की जा रही है। विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी राशन का वितरण पारदर्शी तरीके से हो और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या हेराफेरी को रोका जा सके। वर्तमान में, विभाग द्वारा की गई जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!