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लखनऊ में पूर्व एआरटीओ के घर विजिलेंस का छापा, करोड़ों की नकदी और किलो में सोना बरामद

विजिलेंस टीम ने आगरा में तैनात रहे रिटायर्ड ARTO ललित कुमार के लखनऊ स्थित आवास पर छापेमारी की। इस दौरान 1.62 करोड़ रुपए कैश, 13 किलो सोना, 9 किलो चांदी और करीब 35 करोड़ रुपए की बेनामी संपत्ति से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

9 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें
लखनऊ में पूर्व एआरटीओ के घर विजिलेंस का छापा, करोड़ों की नकदी और किलो में सोना बरामद
मूल स्रोत

उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत विजिलेंस विभाग ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। आगरा में एआरटीओ (ARTO) के पद से सेवानिवृत्त हुए ललित कुमार के लखनऊ स्थित आवास पर छापेमारी की गई। इस कार्रवाई के दौरान अधिकारी के घर से भारी मात्रा में नकदी और कीमती धातुओं का जखीरा बरामद हुआ है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है।

घर के अंदर छिपाया था करोड़ों का खजाना

विजिलेंस टीम की छापेमारी में पूर्व अधिकारी के घर से 1.62 करोड़ रुपये की नकद राशि बरामद की गई है। जांच दल को घर के भीतर अलग-अलग डिब्बों में छिपाकर रखा गया 13 किलोग्राम सोना और 9 किलोग्राम चांदी भी मिली है। इतनी बड़ी मात्रा में कीमती धातुओं और नकदी की बरामदगी यह दर्शाती है कि सेवानिवृत्त अधिकारी ने अपनी सेवा के दौरान अवैध तरीके से अकूत संपत्ति अर्जित की थी।

टीम ने जब घर की तलाशी ली, तो उन्हें करीब 20 अलग-अलग डिब्बों में यह कीमती सामान मिला। विजिलेंस के अधिकारियों के लिए भी इतनी बड़ी मात्रा में सोना और चांदी बरामद करना एक चौंकाने वाला अनुभव रहा। फिलहाल, बरामद की गई नकदी और आभूषणों को जब्त कर लिया गया है और उनकी गिनती व मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

बेनामी संपत्ति और निवेश का खुलासा

केवल नकदी और जेवरात ही नहीं, बल्कि जांच में करीब 35 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति से जुड़े दस्तावेज भी हाथ लगे हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ललित कुमार ने अपने कार्यकाल के दौरान राज्य के चार प्रमुख शहरों में 15 से अधिक संपत्तियों में निवेश किया था। ये संपत्तियां उनके और उनके करीबियों के नाम पर दर्ज होने की आशंका है।

विजिलेंस टीम अब इन संपत्तियों के दस्तावेजों का बारीकी से विश्लेषण कर रही है। इन संपत्तियों में आवासीय मकान, व्यावसायिक परिसर और जमीन के बड़े टुकड़े शामिल हो सकते हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन संपत्तियों को खरीदने के लिए पैसा कहां से आया और क्या ये सभी निवेश भ्रष्टाचार की कमाई से किए गए थे।

भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की सख्त कार्रवाई

आगरा में एआरटीओ के पद पर तैनाती के दौरान ललित कुमार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे, जिसके बाद विजिलेंस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसी मामले में साक्ष्य जुटाने और आय से अधिक संपत्ति की जांच के लिए यह छापेमारी की गई। विभाग का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और इस मामले में आगे की जांच जारी रहेगी।

इस छापेमारी के बाद से परिवहन विभाग के गलियारों में हड़कंप मच गया है। ललित कुमार के साथ काम करने वाले अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है। विजिलेंस टीम अब उन सभी बैंक खातों और निवेशों की जानकारी जुटा रही है जो पूर्व अधिकारी या उनके परिवार के सदस्यों से जुड़े हुए हैं।

आने वाले दिनों में विजिलेंस विभाग ललित कुमार को पूछताछ के लिए तलब कर सकता है। बरामद दस्तावेजों और संपत्ति के ब्यौरे के आधार पर आगे की कानूनी कार्यवाही की जाएगी। यह मामला उत्तर प्रदेश में सरकारी अधिकारियों के बीच व्याप्त भ्रष्टाचार की एक बड़ी मिसाल बनकर सामने आया है, जिस पर सरकार की पैनी नजर है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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