रतलाम: पुजारी के घर में घुसकर जानलेवा हमला करने वाले 5 दोषियों को 7-7 साल की कैद
रतलाम में करीब ढाई साल पहले रात में पुजारी के मकान में अवैध रूप से घुस मारपीट व परिवार के सदस्यों पर जानलेवा हमला करने वाले पांच आरोपियों को कोर्ट ने 7-7 साल की सजा सुनाई है। हमले में पुजारी को शरीर पर चाकू से कई चोटे आई थी।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

ढाई साल पुराने मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में एक पुजारी के परिवार पर जानलेवा हमला करने के मामले में स्थानीय अदालत ने पांच दोषियों को सात-सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह घटना करीब ढाई साल पहले घटी थी, जब आरोपियों ने पुजारी के घर में जबरन घुसकर उनके और उनके परिवार के सदस्यों पर धारदार हथियारों से हमला किया था। सप्तम अपर सत्र न्यायालय ने इस मामले में सुनवाई पूरी करते हुए दोषियों को सजा सुनाई।
अदालत ने अपने फैसले में यह भी स्पष्ट किया कि दोषियों पर लगाए गए जुर्माने की राशि में से 15 हजार रुपये पीड़ित पुजारी को मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे। इस मामले में मुख्य आरोपी भय्यु उर्फ यश सहित अन्य चार लोगों को दोषी पाया गया है। इनमें से एक आरोपी की मृत्यु हो चुकी है, जिसके कारण उसके खिलाफ कार्यवाही समाप्त कर दी गई थी।
क्या था पूरा मामला और विवाद की वजह
सरकारी अधिवक्ता समरथ पाटीदार के अनुसार, यह घटना 30 जनवरी 2024 की रात करीब 12:45 बजे हुई थी। पीड़ित पुजारी पिछले 30 वर्षों से कबीर साहब मंदिर में सेवा दे रहे थे। विवाद की जड़ पुजारी की 18 वर्षीय बेटी थी, जिसे मुख्य आरोपी भय्यु उर्फ यश जबरन अपने साथ ले जाकर शादी करना चाहता था। इस दबाव से बचने के लिए परिजनों ने बेटी को ग्वालियर में उसकी नानी के घर भेज दिया था।
बेटी के घर पर न होने से नाराज आरोपी भय्यु ने अपने साथियों के साथ मिलकर पुजारी के घर पर धावा बोल दिया। आरोपियों ने घर का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया और पुजारी पर जान से मारने की नीयत से चाकू से हमला कर दिया। जब पुजारी की पत्नी, बेटा और मां उन्हें बचाने के लिए आगे आए, तो आरोपियों ने उन पर भी धारदार हथियारों से वार किए, जिससे वे सभी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया
घटना के तुरंत बाद स्टेशन रोड थाने में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी भय्यु और रेहान उर्फ बाल को गिरफ्तार किया था। घटना में इस्तेमाल किया गया धारदार चाकू भी पुलिस ने बरामद कर लिया था। जांच के दौरान अन्य आरोपियों की संलिप्तता सामने आने पर उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया और उनके खिलाफ कोर्ट में अभियोग पत्र पेश किया गया।
न्यायालय में सुनवाई के दौरान पीड़ित पुजारी और उनके परिवार के सदस्यों ने सभी आरोपियों की पहचान की। साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने सभी पांचों आरोपियों को दोषी करार दिया। मुख्य आरोपी भय्यु उर्फ यश को हाईकोर्ट से जमानत न मिलने के कारण वह 1 फरवरी 2024 से ही जेल में बंद था, जबकि अन्य आरोपी जमानत पर बाहर थे, जिन्हें अब सजा सुनाए जाने के बाद जेल भेज दिया गया है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!