राजस्थान पेपर लीक मामला: 50 लाख में प्रश्नपत्र खरीदने वाला मास्टरमाइंड विनोद रेवाड़ गिरफ्तार
स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की स्कूल व्याख्याता (कृषि विज्ञान) भर्ती परीक्षा-2022 के पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य सरगना विनोद कुमार जाट उर्फ विनोद रेवाड़ को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर लीक प्रश्नपत्र खरीदकर अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले पढ़ाने और फर्जी तरीके से सरकारी नौकरी दिलाने का आरोप है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

एसओजी की बड़ी कार्रवाई: पेपर लीक गिरोह का मुख्य सरगना सलाखों के पीछे
राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं की शुचिता को तार-तार करने वाले पेपर लीक गिरोह के खिलाफ स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। एसओजी ने स्कूल व्याख्याता (कृषि विज्ञान) भर्ती परीक्षा-2022 के पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी विनोद कुमार जाट उर्फ विनोद रेवाड़ को गिरफ्तार कर लिया है। 45 वर्षीय यह आरोपी लंबे समय से कानून की नजरों से बच रहा था, लेकिन अंततः उसे जयपुर ग्रामीण के चौमूं इलाके से दबोच लिया गया।
जांच एजेंसियों के अनुसार, विनोद रेवाड़ का नेटवर्क काफी विस्तृत था। उसने गिरोह के अन्य सरगनाओं के साथ मिलकर RPSC के तत्कालीन सदस्य बाबूलाल कटारा से लाखों रुपये में प्रश्नपत्र हासिल किए थे। इन प्रश्नपत्रों में कृषि विज्ञान, अर्थशास्त्र, भूगोल और शारीरिक शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल थे, जिन्हें परीक्षा से पहले ही अभ्यर्थियों तक पहुँचाया गया था।
50 लाख में सौदा और अभ्यर्थियों से मोटी वसूली
एसओजी की पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। विनोद रेवाड़ ने चार अलग-अलग विषयों के सॉल्व पेपर करीब 50 लाख रुपये में खरीदे थे। इसके बाद उसने अपने मुनाफे के लिए अभ्यर्थियों को निशाना बनाया। उदाहरण के तौर पर, कृषि विज्ञान के एक अभ्यर्थी अशोक कुमार यादव से 7 लाख रुपये लेकर उसे परीक्षा से पहले ही पेपर रटा दिया गया था, जिसके बाद उसका चयन भी हो गया था। वर्तमान में वह सीकर जिले के एक सरकारी स्कूल में कार्यरत था।
सिर्फ एक अभ्यर्थी ही नहीं, बल्कि वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा-2022 के दौरान भी रेवाड़ ने 29 अभ्यर्थियों से करीब 57 लाख रुपये वसूले थे। इन अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराकर सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया था। इस मामले में एसओजी पहले ही अरुण शर्मा उर्फ राजेश शर्मा को गिरफ्तार कर चुकी है।
पुराना अपराधी है विनोद रेवाड़
विनोद रेवाड़ का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। वह साल 2021 की उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा, वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा-2022 और ग्राम विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा-2021 जैसे कई बड़े पेपर लीक मामलों में नामजद रहा है। उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा मामले में तो उस पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था, जिसमें उसने आठ अभ्यर्थियों से 10-10 लाख रुपये लेकर पेपर बेचे थे।
आरोपी ने अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे 13 जुलाई 2026 को खारिज कर दिया गया। इसके बाद एसओजी की विशेष टीम ने जाल बिछाकर उसे चौमूं में बराला अस्पताल के पास से गिरफ्तार किया। न्यायालय ने उसे 20 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
आगे की जांच और पूछताछ
फिलहाल, एसओजी की टीम विनोद रेवाड़ से गहन पूछताछ कर रही है। जांच का मुख्य केंद्र यह पता लगाना है कि इस पेपर लीक नेटवर्क में और कौन-कौन से बड़े चेहरे शामिल हैं। साथ ही, अवैध लेनदेन के जरिए कमाई गई संपत्ति और अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। इस गिरफ्तारी को राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!