राजस्थान: 1000 किलोमीटर पीछा कर दमन से दबोचा गया एमडी ड्रग्स का मास्टरमाइंड रामनिवास
नशे के कारोबार के खिलाफ राजस्थान पुलिस की कार्रवाई के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने बड़ी सफलता हासिल की है। ‘ऑपरेशन रानीरोना’ के तहत टीम ने करीब एक साल से फरार चल रहे 25 हजार रुपए के इनामी एमडी तस्कर रामनिवास उर्फ रामू विश्नोई (32) को दमन से गिरफ्तार किया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

ऑपरेशन रानीरोना: एक साल से फरार इनामी तस्कर चढ़ा पुलिस के हत्थे
राजस्थान की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन रानीरोना' के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। टीम ने करीब एक साल से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी एमडी (मेफेड्रोन) तस्कर रामनिवास उर्फ रामू विश्नोई को दमन से गिरफ्तार किया है। 32 वर्षीय आरोपी नागौर जिले के जायल तहसील स्थित रोटू गांव का निवासी है और उस पर चूरू पुलिस द्वारा इनाम घोषित किया गया था।
एएनटीएफ के आईजी विकास कुमार ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने लंबी मशक्कत की। रामनिवास लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और पुलिस उसे पकड़ने के लिए करीब 1000 किलोमीटर तक उसका पीछा करती रही। अंततः दमन में उसके मामा के घर से उसे दबोच लिया गया।
मुंबई से शुरू हुआ अपराध का सफर
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि रामनिवास ने 2011 में 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद मुंबई में एक कूरियर कंपनी में काम करना शुरू किया था। वहां वह हाईप्रोफाइल नशा करने वालों के संपर्क में आया और एमडी ड्रग्स के कारोबार की बारीकियां सीखीं। धीरे-धीरे वह खुद भी नशे का आदी हो गया और मुंबई के तस्करों के साथ मिलकर अवैध व्यापार में उतर गया।
शुरुआत में वह 100 ग्राम एमडी की तस्करी करता था, लेकिन बाद में उसने नागौर और आसपास के क्षेत्रों में अपना नेटवर्क फैला लिया। वह मुंबई से 8 लाख रुपये प्रति किलो की दर से ड्रग्स खरीदकर नागौर में 10 लाख रुपये तक में बेचता था। इस तरह प्रत्येक किलो पर उसे 2 लाख रुपये का मुनाफा होता था। वह ट्रेन और बस के जरिए महीने में दो बार खेप लाता था।
फरारी के दौरान भी जारी रहा तस्करी का धंधा
रामनिवास का नाम तब सामने आया जब रतनगढ़ पुलिस ने उसके एक स्थायी ग्राहक नरसीराम को पकड़ा। इसके बाद से वह फरार हो गया। फरारी के दौरान वह करीब 10 महीने तक जयपुर के मुहाना मंडी इलाके में एक फ्लैट में छिपा रहा। हैरानी की बात यह है कि इस दौरान भी उसने अपना अवैध कारोबार बंद नहीं किया और साथियों के संपर्क में रहा।
अगस्त 2026 में जायल में पुलिस की नाकाबंदी के दौरान वह 5.400 किलो एमडी की खेप के साथ पकड़ा जाने वाला था, लेकिन वह एस्कॉर्ट कर रही दूसरी कार से फरार हो गया। उस मामले में उसका नाबालिग भतीजा पकड़ा गया था। इसके बाद वह मनाली, अंबाला, आगरा और मध्य प्रदेश होते हुए दमन पहुंच गया।
संपत्ति और पुलिस की कार्रवाई
नशे की कमाई से रामनिवास ने आलीशान मकान बनवाया, महंगी गाड़ियां खरीदीं और परिवार के लिए गहने खरीदे। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ के तहत उसके निर्माणाधीन मकान को चिन्हित कर कार्रवाई की थी और तस्करी में प्रयुक्त दो कारें भी जब्त की थीं।
एएनटीएफ की टीम ने तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर दमन में उसके मामा के किराये के कमरे की पहचान की। कई रातों तक ट्रेन से सफर करने के बाद पुलिस टीम ने दबिश दी और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस उससे उसके अन्य साथियों और नेटवर्क के बारे में पूछताछ कर रही है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!