राजस्थान वन विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 69 आईएफएस अफसरों के तबादले, शैलजा देवल को मिली नई जिम्मेदारी
राज्य सरकार ने देर रात वन विभाग में बड़ा फेरबदल करते हुए 69 आईएफएस अफसरों के तबादले-पोस्टिंग की है। आरएफएस से आईएफएस बने 22 अफसरों को उनके प्रमोशन के सात महीने बाद पोस्टिंग दी गई है।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

राजस्थान सरकार ने देर रात वन विभाग में एक व्यापक प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 69 भारतीय वन सेवा (आईएफएस) अधिकारियों के तबादले और पोस्टिंग के आदेश जारी किए हैं। इस बड़े फेरबदल में लंबे समय से पदस्थापना की प्रतीक्षा कर रहे अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है, साथ ही कई वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है।
प्रमोशन के बाद 22 अधिकारियों को मिली पोस्टिंग
इस सूची की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आरएफएस (राजस्थान वन सेवा) से आईएफएस में पदोन्नत हुए 22 अधिकारियों को आखिरकार पोस्टिंग मिल गई है। इन अधिकारियों को प्रमोशन मिले सात महीने का समय बीत चुका था, जिसके बाद अब उन्हें विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर तैनात किया गया है। इसके अलावा, एपीओ (प्रतीक्षा सूची) में चल रहे तीन आईएफएस अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारी दी गई है, जिनमें शशि शंकर, गौरव गर्ग और अक्षय जैन शामिल हैं।
विभाग के शीर्ष स्तर पर भी बदलाव किए गए हैं। अरिजीत बनर्जी का पदनाम बदलकर अब 'प्रधान मुख्य वन संरक्षक और हेड ऑफ फॉरेस्ट फोर्स' कर दिया गया है। यह बदलाव देश के कई अन्य राज्यों में वन विभाग के मुखिया के पदनाम में किए गए सुधारों के अनुरूप है।
प्रमुख नियुक्तियां और अतिरिक्त प्रभार
फेरबदल के तहत शैलजा देवल को पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। वहीं, विजय एन. को इस पद से हटाकर मुख्य वन संरक्षक (स्थापना), जयपुर के पद पर तैनात किया गया है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक अनुराग भारद्वाज को अब आईटी विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अनूप के.आर. को जोधपुर से स्थानांतरित कर मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव एवं इको-टूरिज्म), जयपुर की कमान दी गई है।
प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से 14 अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। शिखा मेहरा को प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास) के साथ-साथ राजस्थान राज्य वन विकास निगम लिमिटेड के एमडी का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। इसी तरह, अनुराग भारद्वाज को आईटी विभाग के अलावा राजस्थान जैव विविधता मंडल के अध्यक्ष और मुख्य परियोजना निदेशक (ईएपी) का अतिरिक्त जिम्मा भी सौंपा गया है।
अधिकारियों की नई कार्ययोजना
अतिरिक्त प्रभार पाने वाले अन्य वरिष्ठ अधिकारियों में उदय शंकर, राजेश कुमार गुप्ता, टी.जे. कविथा, हनुमान राम और आशुतोष ओझा शामिल हैं। इन अधिकारियों को प्रशासन, प्रशिक्षण, समन्वय, कैम्पा और ई-गवर्नेंस जैसे महत्वपूर्ण विभागों की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। यह कदम विभाग के कामकाज में तेजी लाने और विभिन्न परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उठाया गया माना जा रहा है।
इसके अतिरिक्त, सुनील को मुख्य वन संरक्षक (उदयपुर), डॉ. टी. मोहन राज को मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव, कोटा), और आशीष व्यास को उप वन संरक्षक (वन्यजीव, चिड़ियाघर, जयपुर) का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। अजय चित्तौड़ा को मुख्य वन संरक्षक (जोधपुर) और सुदर्शन शर्मा को वन संरक्षक (कैम्पा) के रूप में अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राज्य सरकार के इस निर्णय से वन विभाग के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव आया है। माना जा रहा है कि नई पोस्टिंग के बाद विभाग की कार्यप्रणाली में अधिक स्पष्टता आएगी और लंबित पड़ी वन परियोजनाओं को गति मिलेगी। सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने नए कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!