राजस्थान में अपराध का 'फैमिली नेटवर्क': एक ही परिवार के सदस्यों पर दर्ज हैं 100 से ज्यादा मुकदमे
राजस्थान में एक ऐसा परिवार है, जिसपर 100 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। पति-पत्नी, सास, देवर-ननद तक के नाम पुलिस की फाइल में हैं।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

अपराध की दुनिया में परिवार का दबदबा
राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस और प्रशासन को भी हैरान कर दिया है। यहां एक ही परिवार के विभिन्न सदस्यों पर 100 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इस परिवार का नेटवर्क न केवल नशा तस्करी तक सीमित है, बल्कि इसमें फायरिंग, हत्या का प्रयास और अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त जैसे गंभीर अपराध भी शामिल हैं। पुलिस की फाइलों में इस परिवार के पति-पत्नी, मां, भाई-बहन और यहां तक कि ससुराल पक्ष के लोग भी अपराधी के रूप में दर्ज हैं।
इस पूरे नेटवर्क का खुलासा तब हुआ जब 17 अगस्त को लखूवाली इलाके में दिनदहाड़े फायरिंग की एक घटना हुई। इस घटना के बाद पुलिस ने गहन जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज व टोल नाकों के डेटा के आधार पर हार्डकोर हिस्ट्रीशीटर इरफान खान उर्फ फान तक पहुंची। इरफान की गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने उसकी कुंडली खंगाली, तो एक के बाद एक परिवार के अन्य सदस्यों के काले कारनामे सामने आने लगे।
हिस्ट्रीशीटर इरफान और उसके भाइयों का रिकॉर्ड
मुख्य आरोपी 32 वर्षीय इरफान खान हनुमानगढ़ टाउन थाने का सूचीबद्ध हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ अकेले 42 मामले दर्ज हैं। पुलिस ने उसे 30-31 अगस्त की रात को गिरफ्तार किया, जिसके पास से पिस्टल और कारतूस बरामद हुए। इरफान के भाई अरबाज के खिलाफ भी 30 मुकदमे दर्ज हैं और वह भी हिस्ट्रीशीटर है। वहीं, परिवार का एक अन्य सदस्य सलमान भी एनडीपीएस एक्ट के तहत मामलों का सामना कर रहा है।
अपराध का यह सिलसिला केवल पुरुषों तक सीमित नहीं है। इरफान की मां जेबा बीबी और पत्नी सदामा बीबी उर्फ गागो भी पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज हैं। सदामा पर एनडीपीएस एक्ट के तहत तीन और मारपीट का एक मामला दर्ज है। इसके अलावा, इरफान की बहन रुखसाना उर्फ निक्की का नाम भी नशा तस्करी के मामलों में सामने आया है, जिससे स्पष्ट होता है कि पूरा परिवार सुनियोजित तरीके से अपराधों में लिप्त रहा है।
ससुराल पक्ष तक फैली अपराध की जड़ें
जांच में यह भी पता चला है कि इरफान का ससुराल पक्ष भी अपराध से अछूता नहीं है। उसकी साली शहजादा बीबी उर्फ साजिया पर चार मामले दर्ज हैं, जिनमें चोरी और नशा तस्करी शामिल हैं। वहीं, इरफान का साढ़ू सद्दाम हुसैन उर्फ नाली वाला 14 अलग-अलग मामलों में आरोपी है। उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट, आबकारी अधिनियम और एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस ने इस संगठित आपराधिक नेटवर्क को तोड़ने के लिए अब उनकी अवैध संपत्तियों पर प्रहार करना शुरू कर दिया है। जांच में सामने आया है कि नशा तस्करी के जरिए कमाए गए काले धन से इन लोगों ने करोड़ों की संपत्ति बनाई है। इसी क्रम में पुलिस ने इरफान और उसकी मां जेबा बीबी की रिहायशी संपत्तियों को फ्रीज कर दिया है, जिनकी कुल कीमत करीब दो करोड़ रुपये आंकी गई है।
कानूनी शिकंजा और भविष्य की कार्रवाई
हनुमानगढ़ पुलिस ने लखूवाली फायरिंग मामले में इरफान की गिरफ्तारी के बाद उसके साथियों को भी पकड़ा है, जिनसे 6 हथियार और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस की 10 टीमें इस पूरे नेटवर्क के हर छोटे-बड़े सदस्य की तलाश में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि नशा तस्करी और अपराध के जरिए अर्जित की गई अन्य संपत्तियों की भी पहचान की जा रही है, जिन्हें आने वाले समय में कुर्क किया जाएगा।
यह मामला राजस्थान में संगठित अपराध के बढ़ते दायरे और परिवारों के इसमें शामिल होने की गंभीर प्रवृत्ति को दर्शाता है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इस परिवार के तार राज्य के बाहर किन अन्य तस्करों से जुड़े हैं। फिलहाल, पूरे परिवार के खिलाफ दर्ज 100 से अधिक मामलों की फाइलें फिर से खोली जा रही हैं ताकि उन्हें सख्त सजा दिलाई जा सके।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!