रायपुर की फैक्ट्री में भीषण धमाका: 3 मजदूरों की दर्दनाक मौत, शवों के चिथड़े 200 मीटर दूर तक बिखरे
राजधानी के उरला औद्योगिक क्षेत्र स्थित थ्रीडी फैक्ट्री में मंगलवार को हुए जोरदार ब्लास्ट से हड़कंप मच गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक हादसे में तीन मजदूरों के मरने की आशंका जताई जा रही है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

रायपुर के उरला औद्योगिक क्षेत्र में बड़ा हादसा
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित उरला औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार की शाम एक भीषण हादसा हुआ। यहां स्थित थ्रीडी फैक्ट्री में अचानक हुए एक जोरदार धमाके ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। इस हादसे में तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि मृतकों के शरीर के अंग घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर तक जाकर गिरे, जिससे घटनास्थल पर भयावह स्थिति उत्पन्न हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग और फैक्ट्री प्रबंधन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री में पिग आयरन बनाने का काम किया जाता था, जिसका उपयोग वाहनों के पुर्जे तैयार करने में होता है। धमाके के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और आसपास के लोग भी सहम गए।
सिलेंडर फटने से हुआ जानलेवा विस्फोट
प्रारंभिक सूचनाओं के अनुसार, यह हादसा फैक्ट्री में सिलेंडर फटने के कारण हुआ। धमाका इतना तीव्र था कि मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे में मरने वालों की पहचान कमल सिंह (25), लाल सिंह और अरुण पांडे (19) के रूप में हुई है। इनमें से कमल सिंह और लाल सिंह मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले के निवासी थे, जबकि अरुण पांडे छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले का रहने वाला था।
हादसे के तुरंत बाद घायलों को अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई। कमल सिंह को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। वहीं, लाल सिंह और अरुण पांडे की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी। प्रशासन ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
सुरक्षा मानकों की जांच के निर्देश
इस दुखद घटना ने औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास की फैक्ट्रियों में काम करने वाले लोग भी दहशत में बाहर निकल आए। घटनास्थल पर एक मजदूर का पैर विस्फोट स्थल से काफी दूर पड़ा मिला, जो हादसे की भयावहता को दर्शाता है।
फिलहाल, उरला पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या फैक्ट्री में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे और क्या सिलेंडर का रखरखाव नियमों के अनुसार किया जा रहा था। फैक्ट्री प्रबंधन से भी पूछताछ की जा रही है ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता चल सके।
प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को सूचित कर दिया है। औद्योगिक क्षेत्र में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अब सुरक्षा ऑडिट की मांग भी उठने लगी है। फिलहाल घटनास्थल को सुरक्षित कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!