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राहुल गांधी की संपत्ति मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई सोमवार को, 10 केंद्रीय एजेंसियों को देनी है रिपोर्ट

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच सोमवार को सुनवाई करेगी। कोर्ट ने मामले से जुड़ी 10 केंद्रीय एजेंसियों से प्रारंभिक जांच रिपोर्ट तलब की है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

19 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें
राहुल गांधी की संपत्ति मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई सोमवार को, 10 केंद्रीय एजेंसियों को देनी है रिपोर्ट
मूल स्रोत

हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में अहम सुनवाई

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से संबंधित आय से अधिक संपत्ति के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच सोमवार को सुनवाई करने जा रही है। यह मामला काफी समय से चर्चा में है और अब अदालत ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए केंद्रीय एजेंसियों से जवाब मांगा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे विशेष रूप से सूचीबद्ध किया गया है।

अदालत की अतिरिक्त सूची के अनुसार, इस क्रिमिनल रिट पिटीशन पर सुनवाई सोमवार, 20 जुलाई को दोपहर 2:15 बजे निर्धारित की गई है। सुनवाई न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राम मनोहर नारायण मिश्रा की खंडपीठ के समक्ष होगी। यह मामला एमपी/एमएलए मामलों के रोस्टर के अंतर्गत आता है, जिसके कारण इसे प्राथमिकता दी जा रही है।

10 केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका और निर्देश

इस कानूनी प्रक्रिया में कुल 10 केंद्रीय एजेंसियों को पक्षकार बनाया गया है। इनमें सीबीआई (CBI), प्रवर्तन निदेशालय (ED), सीबीडीटी (CBDT), एसएफआईओ (SFIO), गृह मंत्रालय, राजस्व विभाग, कार्मिक विभाग (DoPT) और कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय जैसे प्रमुख संस्थान शामिल हैं। कोर्ट ने इन सभी एजेंसियों को मामले की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।

पिछली सुनवाई के दौरान, 12 मई 2026 को हाईकोर्ट ने सभी संबंधित केंद्रीय एजेंसियों को आठ सप्ताह का समय देते हुए प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जमा करने का आदेश दिया था। वर्तमान सुनवाई इसी आदेश के अनुपालन की समीक्षा के लिए बुलाई गई है। कोर्ट यह सुनिश्चित करना चाहती है कि जांच प्रक्रिया सही दिशा में आगे बढ़ रही है या नहीं।

याचिकाकर्ता और मामले का आधार

यह याचिका उत्तर प्रदेश भाजपा के सदस्य एस. विग्नेश शिशिर द्वारा व्यक्तिगत रूप से (इन पर्सन) दाखिल की गई है। याचिका में रायबरेली से सांसद राहुल गांधी पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। याचिकाकर्ता ने मांग की है कि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

याचिकाकर्ता की ओर से सुरक्षा संबंधी चिंताओं का भी उल्लेख किया गया है। ऐसी चर्चाएं हैं कि सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए सुनवाई को चैंबर में आयोजित करने का सुझाव दिया गया है, हालांकि अदालत की ओर से इस संबंध में कोई औपचारिक आदेश सार्वजनिक नहीं किया गया है। सोमवार की सुनवाई के दौरान ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आगे की कानूनी प्रक्रिया किस प्रकार संचालित होगी।

मामले का भविष्य और कानूनी प्रक्रिया

यह मामला पूरी तरह से कोर्ट की निगरानी में चल रहा है। चूंकि इसमें देश की प्रमुख जांच एजेंसियां शामिल हैं, इसलिए इस सुनवाई पर राजनीतिक गलियारों की भी नजर बनी हुई है। कोर्ट की ओर से मांगी गई प्रारंभिक रिपोर्ट इस मामले में भविष्य की दिशा तय करने में निर्णायक साबित होगी। यदि एजेंसियां अपनी रिपोर्ट दाखिल करती हैं, तो अदालत उस पर विचार करने के बाद आगे के कदम तय करेगी।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में प्रारंभिक जांच रिपोर्ट का महत्व बहुत अधिक होता है। यदि रिपोर्ट में पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं, तो अदालत जांच को आगे बढ़ाने या अन्य निर्देश जारी करने का विकल्प चुन सकती है। फिलहाल, सभी की निगाहें सोमवार दोपहर 2:15 बजे होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि जांच एजेंसियां कोर्ट के आदेश का किस हद तक पालन कर पाई हैं।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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