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रायबरेली जिला अस्पताल में बाहर की महंगी दवाएं लिखने का मामला, व्यापार मंडल ने डीएम से की शिकायत

रायबरेली। जिला अस्पताल में मरीजों को अस्पताल में उपलब्ध दवाओं के बजाय बाहर की महंगी दवाइयां लिखे जाने के आरोपों को लेकर ऑल इंडिया युवा उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने इन आरोपों की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

28 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें
रायबरेली जिला अस्पताल में बाहर की महंगी दवाएं लिखने का मामला, व्यापार मंडल ने डीएम से की शिकायत
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मरीजों की जेब पर पड़ रहा भारी बोझ

रायबरेली के जिला अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन पर आरोप है कि यहां के चिकित्सक मरीजों को सरकारी दवाएं उपलब्ध कराने के बजाय बाहर की महंगी दवाएं लिखने के लिए मजबूर कर रहे हैं। इस गंभीर मामले को लेकर ऑल इंडिया युवा उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें तत्काल प्रभाव से जांच और कार्रवाई की मांग की गई है।

व्यापार प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने 28 जुलाई 2026 को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। संगठन का कहना है कि अस्पताल में जो दवाएं निशुल्क या कम दाम पर उपलब्ध होनी चाहिए, उन्हें भी बाहर के निजी मेडिकल स्टोर से खरीदने के लिए पर्चे थमाए जा रहे हैं। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों पर अनावश्यक वित्तीय दबाव बढ़ रहा है।

दवाओं की कीमतों में भारी अंतर

संगठन ने ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि अस्पताल में जो दवाएं महज 150 रुपये के आसपास उपलब्ध हैं, मरीजों को वही दवाएं बाहर के स्टोर से 600 से 700 रुपये तक में खरीदनी पड़ रही हैं। यह स्थिति गरीब और मजदूर वर्ग के लिए किसी बड़े संकट से कम नहीं है, जो सरकारी अस्पताल पर भरोसे के साथ इलाज के लिए आते हैं।

जिलाध्यक्ष रोहित संतानी के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में कहा गया है कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों का प्राथमिक उद्देश्य ही गरीबों को सस्ती और सुलभ चिकित्सा प्रदान करना है। यदि मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदने के लिए विवश किया जा रहा है, तो यह सीधे तौर पर अस्पताल की व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार और लापरवाही को दर्शाता है।

सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल

दवाओं के अलावा, व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने जिला अस्पताल परिसर में सुरक्षा की कमी पर भी गहरी चिंता जताई है। अस्पताल परिसर में लगातार हो रही वाहन चोरी की घटनाओं ने मरीजों और उनके परिजनों में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। संगठन ने मांग की है कि परिसर में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाए और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।

ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि अस्पताल में हर समय जीवनरक्षक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया जाए ताकि किसी भी मरीज को बाहर न जाना पड़े। साथ ही, उन चिकित्सकों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए जो नियमों को ताक पर रखकर बाहर की दवाएं लिख रहे हैं।

आंदोलन की चेतावनी

व्यापार मंडल ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि इन समस्याओं का समाधान जल्द नहीं किया गया, तो वे जनहित में बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया है कि मरीजों के स्वास्थ्य और उनकी सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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