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प्रयागराज: सरकारी पहाड़ पर अवैध प्लॉटिंग का खेल, भाजपा नेता समेत 19 पर मुकदमा दर्ज

प्रयागराज में पहाड़ काटकर प्लाटिंग कर करोड़ों रुपये कमाने का अजीबोगरीब मामला सामने आया है। संगम नगरी के यमुनापार का बहुत सारा इलाका पहाड़ी क्षेत्र है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

15 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें
प्रयागराज: सरकारी पहाड़ पर अवैध प्लॉटिंग का खेल, भाजपा नेता समेत 19 पर मुकदमा दर्ज
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प्रयागराज में सरकारी भूमि पर कब्जे और अवैध प्लॉटिंग का एक बड़ा मामला सामने आया है। यमुनापार के लालापुर थाना क्षेत्र के गोल्हैया गांव में स्थित करीब 83 बीघा सरकारी पहाड़ को भू-माफिया ने अपने कब्जे में ले लिया था। इस क्षेत्र में कंटीले तार लगाकर और पिलर गाड़कर बाकायदा प्लॉटिंग की जा रही थी, ताकि इसे एक आवासीय कॉलोनी के रूप में विकसित किया जा सके।

प्रशासन की सख्ती और एफआईआर

इस अवैध कब्जे की शिकायत के बाद प्रशासन हरकत में आया। राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर जाकर जांच की, जिसमें सार्वजनिक उपयोग की पहाड़ी भूमि पर अवैध निर्माण और प्लॉटिंग की पुष्टि हुई। लेखपाल प्राची सिंह की तहरीर पर लालापुर थाने में एके ड्रीम सिटी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक समेत कुल 19 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।

मामले की जड़ें काफी गहरी बताई जा रही हैं। यह मामला तब प्रकाश में आया जब शिकायत लखनऊ तक पहुंची। इसके बाद शासन के निर्देश पर एसडीएम बारा ने राजस्व टीम को मौके पर भेजा। जांच में पाया गया कि पहाड़ के स्वरूप को बदलकर वहां व्यावसायिक लाभ के लिए प्लॉट काटे जा रहे थे। फिलहाल, पुलिस और प्रशासनिक टीम ने मौके पर चल रहे सभी निर्माण कार्यों को पूरी तरह से बंद करवा दिया है और पूरी भूमि को अपनी निगरानी में ले लिया है।

भाजपा नेता का नाम सबसे ऊपर

दर्ज की गई एफआईआर में पहला नाम शंकरलाल पांडेय का है, जो भटपुरा गांव के ग्राम प्रधान हैं और भाजपा से जुड़े बताए जाते हैं। शंकरलाल का नाम सामने आने के बाद इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वह लंबे समय से भाजपा युवा मोर्चा से जुड़े रहे हैं और पार्टी में विभिन्न पदों पर कार्य कर चुके हैं। उनके साथ ही नीरज कुमार कुशवाहा, आनंद मिश्रा, पूनम मिश्रा समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है।

पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है। सहायक पुलिस आयुक्त बारा, वेदब्यास मिश्रा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सरकारी पहाड़ पर अवैध प्लॉटिंग की पुष्टि हुई है। पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। आसपास के किसानों और स्थानीय निवासियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि यह अवैध खेल कितने समय से चल रहा था और इसमें कौन-कौन से प्रभावशाली लोग शामिल हैं।

पहाड़ी क्षेत्र पर भू-माफिया की नजर

प्रयागराज का यमुनापार इलाका अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण पहाड़ी है, जो रीवां और सेहागी की पहाड़ियों से जुड़ा हुआ है। इन पहाड़ी इलाकों की लोकेशन को देखते हुए भू-माफिया की नजरें काफी समय से यहां जमी हुई थीं। योजनाबद्ध तरीके से सरकारी जमीन को निजी संपत्ति बताकर बेचने का यह प्रयास एक बड़े घोटाले की ओर इशारा करता है। प्रशासन ने अब स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

फिलहाल, लालापुर पुलिस ने सभी आरोपियों से पूछताछ की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी ऐसी संदिग्ध प्लॉटिंग में निवेश करने से पहले राजस्व रिकॉर्ड की जांच अवश्य कर लें, ताकि वे किसी बड़े आर्थिक नुकसान या कानूनी पचड़े में न फंसें।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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