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प्रयागराज में एटीएम फ्रॉड का पर्दाफाश: फर्जी हेल्पलाइन नंबर और प्लास्टिक की दफ्ती से उड़ाते थे नकदी

एटीएम में कैश फंसते ही ‘हेल्पलाइन’ बन जाता था जाल, प्लास्टिक की दफ्ती हटाकर उड़ाता था रकम। सिविल लाइंस पुलिस ने इसी शातिर तरीके से एटीएम फ्रॉड करने वाले तोएफ खां उर्फ शोएब उर्फ मियां (23) को गिरफ्तार किया है।

मोहम्मद नवेद

मोहम्मद नवेद

एडिटर

13 अगस्त 20263 मिनट पढ़ें
प्रयागराज में एटीएम फ्रॉड का पर्दाफाश: फर्जी हेल्पलाइन नंबर और प्लास्टिक की दफ्ती से उड़ाते थे नकदी
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एटीएम में दफ्ती फंसाकर करते थे ठगी

प्रयागराज पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो एटीएम मशीनों में तकनीकी खराबी पैदा कर लोगों की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ कर देते थे। सिविल लाइंस पुलिस ने इस मामले में तोएफ खां उर्फ शोएब उर्फ मियां नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से भारी मात्रा में एटीएम कार्ड और फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं, जो इस गिरोह के संगठित अपराध का संकेत देते हैं।

आरोपी की गिरफ्तारी 12 अगस्त की देर रात बीएचएस के पास से हुई। पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था। वे पहले से ही एटीएम केबिन में बैंक के नाम से छपे फर्जी विजिटिंग कार्ड छोड़ देते थे, जिन पर उनका अपना हेल्पलाइन नंबर लिखा होता था। जब कोई ग्राहक पैसे निकालने आता, तो वे मशीन की कैश ट्रे में प्लास्टिक की एक खास दफ्ती फंसा देते थे, जिससे नोट बाहर नहीं निकल पाते थे।

फर्जी हेल्पलाइन नंबर का जाल

ठगी का तरीका बेहद चालाकी भरा था। जब ग्राहक के पैसे मशीन में फंस जाते और नोट बाहर नहीं आते, तो उसे लगता कि मशीन खराब है। इसी दौरान उसकी नजर वहां रखे फर्जी विजिटिंग कार्ड पर पड़ती। घबराया हुआ ग्राहक जब उस नंबर पर कॉल करता, तो आरोपी खुद को बैंक अधिकारी बताकर उसे दूसरे एटीएम पर जाने या गार्ड को बुलाने की सलाह देते थे। ग्राहक के वहां से हटते ही आरोपी मशीन के पास पहुंचकर दफ्ती निकाल लेते और फंसी हुई नकदी लेकर फरार हो जाते थे।

पुलिस के अनुसार, यह गिरोह केवल नकदी ही नहीं, बल्कि ग्राहकों के एटीएम कार्ड बदलकर भी उनके खातों से ऑनलाइन खरीदारी कर लेता था। आरोपी को महंगे शौक पूरे करने की लत थी और वह इसी तरह की वारदातों से अपनी विलासिता पूरी करता था। पूछताछ में यह भी पता चला है कि आरोपी ने कुछ समय पहले तेलंगाना में भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया था।

भारी मात्रा में बरामदगी और आगे की जांच

पुलिस ने आरोपी के पास से 28 अलग-अलग बैंकों के एटीएम कार्ड, नौ फर्जी हेल्पलाइन नंबर वाले विजिटिंग कार्ड, तीन प्लास्टिक की दफ्तियां, दो मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की जाने वाली अर्टिगा कार बरामद की है। बरामद कार्डों में एसबीआई, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और यूनियन बैंक जैसे प्रमुख संस्थानों के कार्ड शामिल हैं। इसके अलावा, मौके से पेचकस और प्लास जैसे उपकरण भी मिले हैं।

थाना प्रभारी रामाश्रय यादव के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के बाद अब पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह ने प्रयागराज और अन्य राज्यों में कुल कितनी वारदातों को अंजाम दिया है। आरोपी के नेटवर्क को खंगालने के लिए तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स की मदद ली जा रही है ताकि अन्य साथियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जा सके।

यह मामला आम जनता के लिए एक चेतावनी है कि एटीएम केबिन में किसी भी अनजान नंबर पर भरोसा न करें। बैंक कभी भी एटीएम केबिन में अपने हेल्पलाइन नंबर के विजिटिंग कार्ड नहीं छोड़ते हैं। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर केवल बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत शाखा से ही संपर्क करना चाहिए। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि एटीएम का उपयोग करते समय आसपास किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति पर नजर रखें।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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