प्रतापगढ़ में पत्नी ने पड़ोसी के साथ रची पति की हत्या की साजिश, 5 लाख में सुपारी देकर करवाया कत्ल
प्रतापगढ़ के सालमगढ़ थाना क्षेत्र के दलोट गांव में 12 दिन पहले कुएं में मिले शव के मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी और उसके पड़ोसी को गिरफ्तार किया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

12 दिन पुराने हत्याकांड का खुलासा
राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के सालमगढ़ थाना क्षेत्र में करीब 12 दिन पहले सामने आए एक सनसनीखेज हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। दलोट गांव के पास एक कुएं में बोरे में बंद अवस्था में शव मिलने के बाद से ही पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी थी। मृतक की पहचान भचुंडला निवासी शंकरलाल मीणा के रूप में हुई थी। इस मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी और उसके पड़ोसी को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि इस पूरी वारदात को अंजाम देने के लिए मध्य प्रदेश के मंदसौर से तीन सुपारी किलरों को बुलाया गया था। आरोपियों ने हत्या की इस साजिश के लिए 5 लाख रुपये का सौदा तय किया था। फिलहाल, मुख्य साजिशकर्ता पत्नी और पड़ोसी पुलिस की गिरफ्त में हैं, जबकि वारदात को अंजाम देने वाले तीनों सुपारी किलर अभी भी फरार चल रहे हैं।
घरेलू कलह और अवैध संबंधों का एंगल
पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक शंकरलाल अक्सर शराब के नशे में अपनी पत्नी तुलसीबाई के साथ मारपीट करता था। इसके अलावा, शंकरलाल के अन्य महिलाओं के साथ अवैध संबंध भी थे, जिससे उसकी पत्नी काफी परेशान रहती थी। इसी दौरान तुलसीबाई के संबंध अपने पड़ोसी वाहिद कुरैशी के साथ बढ़ गए। दोनों ने मिलकर शंकरलाल को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
साजिश के तहत तुलसीबाई ने वाहिद कुरैशी को लालच दिया कि यदि वह इस काम में मदद करेगा, तो उसे आधा बीघा जमीन और घर में एक कमरा बनवाकर दिया जाएगा। इसके बाद दोनों ने मिलकर मंदसौर के सुपारी किलरों से संपर्क किया और 5 लाख रुपये में हत्या का सौदा पक्का किया।
वारदात को दिया दुर्घटना का रूप
घटना 24 जून की है, जब तीनों सुपारी किलर शंकरलाल के घर पहुंचे। उस समय पत्नी तुलसीबाई और पड़ोसी वाहिद भी वहां मौजूद थे। सभी ने मिलकर शंकरलाल की हत्या कर दी। साक्ष्य मिटाने के लिए शव को एक बोरे में भरकर दलोट के खेड़ापति मंदिर के पास स्थित कुएं में फेंक दिया गया। हत्या को दुर्घटना या गुमशुदगी का रूप देने के लिए आरोपियों ने शंकरलाल की बाइक को घटनास्थल से तीन किलोमीटर दूर ले जाकर छोड़ दिया था।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन विशेष टीमों का गठन किया था। शुरुआत में कोई ठोस सुराग न मिलने पर पुलिस ने 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले और स्थानीय लोगों से पूछताछ की। अंततः तकनीकी साक्ष्यों और कड़ी पूछताछ के बाद पत्नी और पड़ोसी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
सालमगढ़ थाना अधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर फरार सुपारी किलरों की पहचान की जा रही है। पुलिस की टीमें उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं। इस मामले में पुलिस ने मृतक की बेटी की शिकायत पर पहले ही हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था, जिसके बाद अब आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!