प्रतापगढ़ पुलिस को बड़ी कामयाबी: एमडी ड्रग्स मामले में 10 हजार का इनामी आरोपी जावरा से गिरफ्तार
प्रतापगढ़ जिले में ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत अरनोद थाना पुलिस ने एमडी बनाने के इस्तेमाल होने वाली प्रतिबंधित केमिकल पाउडर और एमडी जब्त करने के एक मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी पांच महीने से फरार था।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

पांच महीने से चल रहा था फरार
राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में पुलिस ने मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। अरनोद थाना पुलिस ने एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स बनाने और प्रतिबंधित केमिकल की तस्करी से जुड़े एक इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले पांच महीनों से कानून की नजरों से बचकर फरार चल रहा था।
गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान अजहर (28) के रूप में हुई है, जो अरनोद क्षेत्र के देवल्दी गांव का निवासी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी पर प्रतापगढ़ पुलिस अधीक्षक विशाल जांगिड़ द्वारा 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस को लंबे समय से उसकी तलाश थी।
अप्रैल में सामने आया था मामला
इस पूरे मामले की शुरुआत 21 अप्रैल को हुई थी, जब अरनोद पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि नौंगाव निवासी आबिद खान अपने खेत पर बने कुएं के पास एमडी ड्रग्स तैयार कर रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी की और मौके से भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्री बरामद की थी।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने कुएं से 7 किलो 387 ग्राम प्रतिबंधित 'ब्रोमो-4-मिथाईलप्रोपिओफेनोन' केमिकल पाउडर और 5 ग्राम एमडी ड्रग्स जब्त की थी। उस समय पुलिस ने आबिद खान को मौके से ही गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। पूछताछ में ही अजहर खान का नाम मुख्य साजिशकर्ता के रूप में सामने आया था।
हुसैन टेकरी से दबोचा गया आरोपी
आबिद खान की गिरफ्तारी के बाद से ही अजहर खान फरार हो गया था। पुलिस की टीमें लगातार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं। 4 सितंबर को पुलिस को सटीक सूचना मिली कि आरोपी मध्य प्रदेश के जावरा स्थित हुसैन टेकरी इलाके में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही अरनोद थाना पुलिस की एक विशेष टीम ने वहां घेराबंदी की और आरोपी को धर दबोचा।
इस पूरी कार्रवाई को अरनोद थानाधिकारी शिवलाल मीणा के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। पुलिस टीम में प्रेमलाल, बापुलाल, हेमंत सिंह, पांचुराम और हनुमान शामिल थे। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उससे पूछताछ कर रही है ताकि ड्रग्स तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और सप्लाई चेन का पता लगाया जा सके।
ऑपरेशन त्रिनेत्र की सक्रियता
प्रतापगढ़ पुलिस द्वारा चलाया जा रहा 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' जिले में अपराध नियंत्रण और नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए बेहद प्रभावी साबित हो रहा है। इस अभियान के तहत पुलिस न केवल सक्रिय अपराधियों पर नजर रख रही है, बल्कि पुराने मामलों में फरार चल रहे इनामी अपराधियों को भी चिन्हित कर सलाखों के पीछे भेज रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशीले पदार्थों के व्यापार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। अजहर की गिरफ्तारी से इस मामले की कड़ियां जुड़ने की उम्मीद है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने यह प्रतिबंधित केमिकल कहां से प्राप्त किया था और इसे आगे कहां सप्लाई किया जाना था।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!