प्रतापगढ़: हार्डकोर अपराधी अजब खान की 2.82 करोड़ की संपत्ति जब्त, बेनामी संपत्तियों पर भी चला पुलिस का डंडा
प्रतापगढ़ पुलिस ने अरनोद थाना क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर और हार्डकोर अपराधी अजब खान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों से अर्जित मानी गई उसकी करीब 2 करोड़ 82 लाख रुपये की चल-अचल संपत्ति को धारा 68 के तहत फ्रीज कर दिया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए कुख्यात हिस्ट्रीशीटर और हार्डकोर अपराधी अजब खान की कमर तोड़ने की तैयारी कर ली है। अरनोद थाना क्षेत्र के रहने वाले इस अपराधी के खिलाफ मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य गंभीर अपराधों के आरोप हैं। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 68 के तहत उसकी करीब 2 करोड़ 82 लाख रुपये की चल और अचल संपत्ति को फ्रीज कर दिया है।
अपराध से अर्जित संपत्ति पर प्रहार
प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक विशाल जांगिड़ ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि अजब खान के खिलाफ अब तक कुल 13 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से पांच मामले सीधे तौर पर मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े हुए हैं। पुलिस ने लंबी जांच-पड़ताल के बाद यह सुनिश्चित किया कि ये संपत्तियां अपराध के जरिए अर्जित की गई हैं। जब्त की गई संपत्तियों में दो आलीशान फार्म हाउस, एक रिहायशी मकान, दो चौपहिया वाहन, चार मोटरसाइकिल और एक ट्रैक्टर शामिल है।
पुलिस की यह कार्रवाई केवल उन संपत्तियों तक सीमित नहीं रही जो सीधे अजब खान के नाम पर थीं। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी ने अपनी काली कमाई को ठिकाने लगाने के लिए कई संपत्तियां अन्य व्यक्तियों के नाम पर खरीद रखी थीं। इन बेनामी संपत्तियों पर भी अजब खान का ही वास्तविक कब्जा और नियंत्रण पाया गया, जिसके बाद पुलिस ने इन्हें भी अपने दायरे में लेकर फ्रीज कर दिया है।
बेनामी संपत्तियों का जाल और पुलिस की जांच
पुलिस के अनुसार, अजब खान ने कानून से बचने के लिए अपनी संपत्तियों को रिश्तेदारों या अन्य सहयोगियों के नाम पर दर्ज कराया था। हालांकि, पुलिस की गहन जांच में यह स्पष्ट हो गया कि इन संपत्तियों का उपयोग और मालिकाना हक पूरी तरह से अजब खान के पास था। पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर इन संपत्तियों को भी अवैध घोषित करते हुए फ्रीज करने की प्रक्रिया पूरी की है।
इस कार्रवाई से जिले के अन्य अपराधियों में भी हड़कंप मच गया है। पुलिस का मानना है कि इस तरह की आर्थिक चोट अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने में सबसे प्रभावी साबित होती है। जब अपराधी का आर्थिक आधार कमजोर होता है, तो उसकी आपराधिक गतिविधियों को संचालित करने की क्षमता भी स्वतः कम हो जाती है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
प्रतापगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल एक शुरुआत है। जिले में सक्रिय अन्य हार्डकोर अपराधियों और नशा तस्करों की संपत्तियों की भी गहन जांच की जा रही है। पुलिस उन सभी संपत्तियों को चिन्हित कर रही है जो बेनामी तरीके से रखी गई हैं या जिनका उपयोग आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है।
आने वाले समय में पुलिस का यह अभियान और तेज होने की संभावना है। अधिकारियों का कहना है कि नशा तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में लिप्त लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके द्वारा बनाई गई अवैध संपत्ति को जब्त करने की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी। पुलिस का मुख्य उद्देश्य न केवल अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजना है, बल्कि उनके द्वारा खड़े किए गए आर्थिक साम्राज्य को भी पूरी तरह से ध्वस्त करना है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!