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पटना: पर्यटन विभाग के इंजीनियर के ठिकानों पर निगरानी विभाग का छापा, करोड़ों की अवैध संपत्ति का खुलासा

पर्यटन विभाग के अधीक्षण अभियंता अवधेश कुमार सिन्हा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज, पटना में तीन ठिकानों पर आठ घंटे तक चली छापेमारी।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

19 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें
पटना: पर्यटन विभाग के इंजीनियर के ठिकानों पर निगरानी विभाग का छापा, करोड़ों की अवैध संपत्ति का खुलासा
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पर्यटन विभाग के इंजीनियर पर निगरानी का शिकंजा

बिहार की राजधानी पटना में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पर्यटन विभाग में तैनात अधीक्षण अभियंता अवधेश कुमार सिन्हा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में ब्यूरो ने जांच शुरू की है। शनिवार को निगरानी विभाग की तीन अलग-अलग टीमों ने अभियंता के पटना स्थित आवास और कार्यालय समेत कुल तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई करीब आठ घंटे तक चली, जिसमें कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अवधेश कुमार सिन्हा पूर्व में जल संसाधन विभाग में अपनी सेवाएं दे चुके हैं और हाल ही में उनका तबादला पर्यटन विभाग में हुआ था। निगरानी विभाग को उनके द्वारा पद का दुरुपयोग कर अवैध तरीके से धन अर्जित करने की गुप्त सूचना मिली थी। छापेमारी के दौरान विभाग को कई ऐसी संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं, जो उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से मेल नहीं खाते हैं।

आलीशान मकान और करोड़ों की संपत्ति का ब्योरा

जांच में सबसे चौंकाने वाला तथ्य पटना के राजीव नगर स्थित फ्रेंड्स कॉलोनी में बने उनके आलीशान मकान से जुड़ा है। इस मकान के निर्माण के लिए इंजीनियर ने 97 लाख रुपये का सिविल कॉन्ट्रैक्ट दिया था, जिसमें से 20 लाख रुपये एडवांस भुगतान किए जाने के प्रमाण मिले हैं। यह मकान जिस जमीन पर स्थित है, उसकी कीमत ही करीब 75.63 लाख रुपये आंकी गई है। शुरुआती जांच में उनकी अवैध कमाई का आंकड़ा 1.41 करोड़ रुपये के आसपास बताया जा रहा है।

छापेमारी के दौरान टीम को बड़ी मात्रा में निवेश के दस्तावेज मिले हैं। इसमें 9.64 लाख रुपये मूल्य के सोने, चांदी और हीरे के जेवरात शामिल हैं। इसके अलावा, 12 जमीनों के डीड और 75.62 लाख रुपये के जमीन एग्रीमेंट के कागजात भी जब्त किए गए हैं। इंजीनियर के पास से तीन फ्लैट के दस्तावेज भी मिले हैं, जिनकी बाजार कीमत करीब दो करोड़ रुपये बताई जा रही है। साथ ही, एक हुंडई कार और विभिन्न बीमा पॉलिसियों में निवेश के सबूत भी हाथ लगे हैं।

बैंक खातों और लॉकर की होगी जांच

निगरानी विभाग को छापेमारी के दौरान 19 बैंक खातों की जानकारी मिली है, जिनका अब बारीकी से विश्लेषण किया जाएगा। इसके अलावा, केनरा बैंक का एक लॉकर भी टीम के हाथ लगा है, जिसे खोलने की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। हालांकि, छापेमारी की भनक पहले ही लग जाने के कारण मौके से बहुत अधिक मात्रा में नकद राशि बरामद नहीं हो सकी, केवल 61 हजार रुपये ही नकद मिले हैं।

सूत्रों के मुताबिक, आरोपी इंजीनियर ने अपनी आय को छिपाने के लिए कई बेनामी संपत्तियों में निवेश कर रखा था। निगरानी विभाग अब इन सभी संपत्तियों के मूल्यांकन और बैंक खातों के लेनदेन की विस्तृत जांच कर रहा है। आने वाले दिनों में इंजीनियर से पूछताछ की जा सकती है और उनके अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।

आगे की कानूनी प्रक्रिया

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अधिकारियों का कहना है कि बरामद दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद आय से अधिक संपत्ति का दायरा और बढ़ सकता है। जब्त किए गए कागजातों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। भ्रष्टाचार के इस मामले में विभाग पूरी सख्ती बरतने के मूड में है और जल्द ही इंजीनियर को पूछताछ के लिए तलब किया जा सकता है।

यह मामला बिहार में सरकारी अधिकारियों के बीच व्याप्त भ्रष्टाचार की एक और बानगी है। निगरानी विभाग की इस कार्रवाई से प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस अवैध कमाई में अन्य लोग भी शामिल थे या यह पूरी तरह से इंजीनियर का व्यक्तिगत भ्रष्टाचार था।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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