पटना: गंगा स्नान के दौरान बड़ा हादसा, 7 बच्चियां डूबीं; 2 के शव बरामद, तलाश जारी
बाढ़ अनुमंडल के बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के रानी सराय गांव के पास गंगा नदी में सोमवार सुबह स्नान करने गईं सात बच्चियां डूबने लगीं। इस घटना में तीन बच्चियों को स्थानीय लोगों ने बचा लिया, जबकि चार अभी भी लापता हैं।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

सावन की सोमवारी पर गंगा घाट पर मातम
पटना जिले के बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के रानी सराय गांव के पास सोमवार सुबह एक हृदयविदारक घटना सामने आई। सावन की सोमवारी के अवसर पर गंगा स्नान करने गई सात बच्चियां गहरे पानी में डूब गईं। इस हादसे में दो बच्चियों के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि दो अन्य की तलाश अभी भी जारी है। स्थानीय लोगों की तत्परता से तीन बच्चियों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। लापता बच्चियों को खोजने के लिए बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया गया है। हालांकि, नदी के गहरे पानी और बहाव के कारण राहत कार्य में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह करीब पांच बजे गांव की सात बच्चियां गंगा नदी के तट पर स्नान करने पहुंची थीं। स्नान के दौरान अचानक एक बच्ची गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। उसे बचाने के प्रयास में एक-एक कर अन्य बच्चियां भी गहरे पानी की चपेट में आ गईं। शोर मचाने पर आसपास मौजूद ग्रामीणों ने नदी में छलांग लगाई और तीन बच्चियों को किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाला।
पीड़ित बच्चियां एक ही परिवार की बताई जा रही हैं। मृतकों में आरती कुमारी और नंदनी कुमारी शामिल हैं, जो सगी बहनें थीं। फिलहाल नंदनी और राधिका के शव मिल चुके हैं, जबकि आरती और बबली कुमारी की तलाश की जा रही है। परिवार में इस घटना के बाद से कोहराम मचा हुआ है।
अवैध बालू खनन पर उठे सवाल
इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि गंगा घाट के पास बड़े पैमाने पर अवैध बालू खनन किया गया है। खनन के कारण नदी के तल में 10 से 15 फीट गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिनका अंदाजा स्नान करने वालों को नहीं लग पाता। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते अवैध खनन पर रोक लगाई होती, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।
लापता बच्चियों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। रूपेश नामक एक ग्रामीण ने बताया कि उसकी बहनें और अन्य सहेलियां सुबह स्नान के लिए गई थीं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि घाट के पास गहरे गड्ढे बने हुए हैं। एक के डूबने के बाद बाकी बच्चियां उसे बचाने के चक्कर में खुद भी गहरे पानी में समा गईं।
प्रशासनिक कार्रवाई और बचाव कार्य
घटना की सूचना मिलते ही बख्तियारपुर पुलिस ने मौके का मुआयना किया। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि लापता बच्चियों की तलाश के लिए गोताखोरों की मदद ली जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी के अज्ञात और गहरे घाटों पर जाने से बचें, विशेषकर सावन के दौरान जब भीड़ अधिक होती है।
फिलहाल, पूरे इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि घाट पर सुरक्षा के क्या इंतजाम थे और अवैध खनन के लिए कौन जिम्मेदार है। स्थानीय लोग दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!