पटना: सीआईएसएफ जवान को मिंटो हॉस्टल में बंधक बनाकर 3 लाख की ठगी, दो छात्र गिरफ्तार
पटना के पीरबहोर थाना क्षेत्र में सीआईएसएफ के जीडी आरक्षी को बंधक बनाकर उसके खाते से करीब 3 लाख रुपये निकालने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में पटना विश्वविद्यालय के दो छात्रों को गिरफ्तार किया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

पटना विश्वविद्यालय के मिंटो हॉस्टल में बंधक बनाकर वारदात
पटना के पीरबहोर थाना क्षेत्र में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सीआईएसएफ (CISF) के एक जीडी आरक्षी को बंधक बनाकर उसके बैंक खाते से लाखों रुपये उड़ा लिए गए। पीड़ित जवान को करीब 48 घंटों तक पटना विश्वविद्यालय के कुख्यात मिंटो हॉस्टल में कैद रखा गया। इस दौरान आरोपियों ने डरा-धमकाकर उनके खाते से 3 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन करवा लिया।
पीड़ित जवान नवीज कुमार, जो मूल रूप से दरभंगा जिले के खंगरैठा गांव के निवासी हैं और वर्तमान में पटना स्थित सीआईएसएफ के पूर्वी क्षेत्र मुख्यालय में तैनात हैं, ने 17 अगस्त को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त की रात उन्हें एक सुनियोजित साजिश के तहत फंसाया गया और मिंटो हॉस्टल के कमरा नंबर चार में ले जाकर बंधक बना लिया गया।
फेसबुक मैसेंजर के जरिए बिछाया जाल
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने सोशल मीडिया का सहारा लेकर जवान को अपने जाल में फंसाया। गिरफ्तार आरोपी धीरज कुमार ने खुद को लड़की बताकर मैसेंजर के जरिए जवान से संपर्क किया और उन्हें मिलने के लिए कृष्णा घाट के पास बुलाया। जैसे ही जवान तय स्थान पर पहुंचे, आरोपियों ने उन्हें जबरन मिंटो हॉस्टल ले जाकर कैद कर लिया।
विश्वविद्यालय टीओपी के प्रभारी दिवाकर पांडे के नेतृत्व में पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने मिंटो हॉस्टल में दबिश दी और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान हर्ष कुमार उर्फ धीरज (23) और विकास कुमार उर्फ शुभांकर (25) के रूप में हुई है।
बरामदगी और आगे की कार्रवाई
पुलिस की छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से पीड़ित का मोबाइल फोन, एसबीआई के दो डेबिट कार्ड और 50 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पीड़ित के खाते में शेष बची 1.88 लाख रुपये की राशि को होल्ड करवा दिया है, ताकि उसे और नुकसान न हो। पीरबहोर थाने में मामला दर्ज कर पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस गिरोह में और भी लोग शामिल हैं।
आरोपी हर्ष कुमार पटना विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग में स्नातकोत्तर (सत्र 2025-27) का छात्र है, जबकि विकास लखीसराय जिले का रहने वाला है। शैक्षणिक संस्थान के परिसर में इस तरह की आपराधिक गतिविधियों के संचालन ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इन छात्रों ने पहले भी किसी अन्य व्यक्ति को इसी तरह अपना शिकार बनाया है।
फिलहाल, दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और पुलिस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। सीआईएसएफ जवान के साथ हुई इस घटना ने स्थानीय प्रशासन को भी सतर्क कर दिया है, जिसके बाद मिंटो हॉस्टल और आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!