पानीपत हत्याकांड: पत्नी से बातचीत करने पर युवक की चाकू घोंपकर हत्या, कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद
पानीपत के बहुचर्चित सोनू उर्फ उमेश हत्याकांड में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अंबरदीप सिंह की अदालत ने मुख्य आरोपी दीपक को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

हरियाणा के पानीपत में हुए बहुचर्चित सोनू उर्फ उमेश हत्याकांड मामले में स्थानीय अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अंबरदीप सिंह की अदालत ने मुख्य आरोपी दीपक को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस फैसले के साथ ही अदालत ने दोषी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
क्या था पूरा मामला
यह खौफनाक वारदात 30 मई 2021 की रात करीब 11:15 बजे तहसील कैम्प क्षेत्र में अंजाम दी गई थी। सुमित कक्कड़ द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, उस रात वह अपने कुछ साथियों के साथ आशु के घर पर मौजूद था। इसी दौरान विकास नगर निवासी दीपक अपने कुछ साथियों के साथ वहां पहुंचा। दीपक और सोनू के बीच काफी समय से रंजिश चल रही थी, जिसका मुख्य कारण सोनू का दीपक की पत्नी से बातचीत करना और उनके पारिवारिक मामलों में दखल देना बताया गया था।
आरोप के मुताबिक, मौके पर पहुंचते ही दीपक ने सोनू के साथ बहस शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दीपक ने अपने पास मौजूद चाकू से सोनू की छाती पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में सोनू गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव के कारण डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अदालत ने सुनाया कड़ा फैसला
घटना के बाद पुलिस ने हत्या और गृह-अतिचार की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपी दीपक को गिरफ्तार कर लिया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष पुख्ता सबूत और गवाह पेश किए। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद, 21 अगस्त को अदालत ने दीपक को दोषी करार दिया था। इसके बाद 24 अगस्त को सजा पर बहस पूरी होने के बाद न्यायाधीश ने अपना अंतिम निर्णय सुनाया।
अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत दीपक को आजीवन कारावास और 15,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यदि दोषी जुर्माना भरने में विफल रहता है, तो उसे एक साल का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा, धारा 449 (गृह-अतिचार) के तहत उसे 10 साल की कठोर कैद और 5,000 रुपये जुर्माने की सजा दी गई है। जुर्माना न भरने की स्थिति में उसे छह महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
जांच और कानूनी प्रक्रिया
अदालत ने स्पष्ट किया है कि दोषी को सुनाई गई दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। पुलिस की जांच के दौरान इस मामले में कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आए थे, जिन्हें सह-आरोपी बनाया गया था। हालांकि, जांच के दौरान उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य न मिलने के कारण उन्हें मामले से बाहर कर दिया गया। इस प्रकार, मुख्य आरोपी दीपक ही इस हत्याकांड का एकमात्र दोषी पाया गया।
यह मामला पानीपत में काफी चर्चा में रहा था, क्योंकि हत्या की वजह एक निजी रंजिश और पारिवारिक विवाद को बताया गया था। अदालत के इस फैसले ने मृतक के परिजनों को न्याय की उम्मीद दी है। कानून विशेषज्ञों का मानना है कि साक्ष्यों की मजबूती और समय पर की गई पुलिस कार्रवाई के कारण ही आरोपी को इतनी जल्दी सजा मिल सकी है।
इस फैसले के बाद अब दोषी दीपक को जेल भेज दिया गया है। अदालत का यह कड़ा रुख समाज में एक संदेश देने का काम करेगा कि निजी रंजिश के चलते कानून को हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल, इस मामले में कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं और प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!