पानीपत: निगम की लापरवाही से गड्ढे में गिरी बाइक, SDO-XEN पर गिरी गाज, कंपनी पर लगा भारी जुर्माना
शहर में नगर निगम की घोर लापरवाही के कारण एक बार फिर बड़ा हादसा होते-होते बचा है। बरसत रोड स्थित सचदेवा गार्डन के सामने नगर निगम द्वारा खोदे गए बिना बैरिकेडिंग वाले गड्ढे में एक बाइक पर सवार दो युवक गिर गए।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

बरसत रोड पर हुआ हादसा, सीसीटीवी में कैद हुई लापरवाही
पानीपत शहर में नगर निगम की घोर लापरवाही के चलते एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया है। बरसत रोड पर सचदेवा गार्डन के पास निगम द्वारा खोदे गए एक गहरे गड्ढे में बाइक सवार दो युवक अनियंत्रित होकर गिर गए। यह गड्ढा बिना किसी सुरक्षा घेरे या बैरिकेडिंग के खुला छोड़ा गया था, जो राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है।
घटना 3 सितंबर की शाम करीब 6:45 बजे की है। इस हादसे का सीसीटीवी फुटेज शुक्रवार को सार्वजनिक हुआ, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि कैसे बाइक सवार गड्ढे में जा गिरे। गनीमत रही कि इस दौरान कोई बड़ा वाहन वहां से नहीं गुजर रहा था, अन्यथा परिणाम और भी भयावह हो सकते थे। फुटेज सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में निगम प्रशासन के प्रति भारी रोष व्याप्त है।
निगम कमिश्नर का कड़ा एक्शन, अधिकारियों को किया चार्जशीट
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम कमिश्नर पंकज यादव ने तत्काल प्रभाव से कड़े कदम उठाए हैं। निर्माण कार्य की निगरानी में कोताही बरतने के आरोप में संबंधित उपमंडल अधिकारी (SDO) और अधिशासी अभियंता (XEN) को चार्जशीट कर दिया गया है। विभागीय स्तर पर हुई यह कार्रवाई निगम के भीतर हड़कंप मचाने वाली है।
सूत्रों के अनुसार, इस मामले में संबंधित जूनियर इंजीनियर (JE) पर भी गाज गिरना तय माना जा रहा है। निर्माण स्थल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी जूनियर इंजीनियर की होती है, जिसमें विफलता के चलते उन पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
ठेकेदार कंपनी पर 10 लाख का जुर्माना और ब्लैकलिस्ट की चेतावनी
नगर निगम ने निर्माण कार्य का ठेका लेने वाली 'तिरूपति कंपनी' पर 10 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। निगम प्रशासन ने कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। नोटिस में कहा गया है कि कंपनी द्वारा सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही है और बार-बार निर्देश देने के बावजूद कार्यस्थल पर बैरिकेडिंग नहीं की गई।
निगम ने कंपनी को चेतावनी दी है कि यदि सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया गया, तो उन्हें भविष्य के सभी सरकारी टेंडरों से ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। कंपनी को इस नोटिस का जवाब देने के लिए सात दिनों का समय दिया गया है। निगम के इस सख्त रुख से स्पष्ट है कि शहर में विकास कार्यों के दौरान सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
यह घटना शहर में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करती है। अक्सर सड़कों पर गड्ढे खोदकर उन्हें खुला छोड़ दिया जाता है, जिससे रात के अंधेरे में वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि निगम को किसी भी निर्माण से पहले सुरक्षा घेरा बनाना अनिवार्य करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!