पानीपत मिनी बाईपास: अतिक्रमण हटाने के दौरान निगम टीम का कड़ा रुख, स्कूल-अस्पताल के गेट और मकान ढहाए
मिनी बाईपास के सुचारू निर्माण के लिए इस कब्जे वाली जगह को हर हाल में खाली करवाया जाना है, इसी संकल्प के साथ नगर निगम की टीम भारी पुलिस बल की मौजूदगी में दूसरे दिन की कार्रवाई में जुटी रही। गुरुवार को दूसरे दिन की कार्रवाई में ढहाए गए कई निर्माण

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

पानीपत में मिनी बाईपास के लिए चला बुलडोजर
पानीपत में जीटी रोड स्थित पीडब्ल्यूडी कार्यालय से सेक्टर-25 हनुमान मंदिर तक बनने वाले 5 किलोमीटर लंबे मिनी बाईपास के निर्माण कार्य में बाधा बने अवैध कब्जों को हटाने का अभियान दूसरे दिन भी जारी रहा। नगर निगम की टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में उन सभी निर्माणों को ध्वस्त कर दिया जो प्रस्तावित सड़क के रास्ते में आ रहे थे। इस कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों और कुछ राजनीतिक प्रतिनिधियों ने विरोध भी दर्ज कराया, लेकिन प्रशासन अपने फैसले पर अडिग रहा।
स्कूल, अस्पताल और मकानों पर चला पीला पंजा
गुरुवार को हुई कार्रवाई के दौरान निगम के बुलडोजर ने कई पक्के और कच्चे अतिक्रमणों को जमींदोज कर दिया। टीम ने एक स्कूल और एक अस्पताल के मुख्य गेट के साथ-साथ मंदिर की दीवार और कई लोगों के निजी मकानों की बाउंड्री वॉल को भी तोड़ दिया। कार्रवाई के दौरान कुछ मकान मालिकों ने अपनी रजिस्ट्री के दस्तावेज दिखाकर मोहलत की मांग की, लेकिन ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में अधिकारियों ने किसी भी प्रकार की ढील देने से इनकार कर दिया।
इस दौरान मौके पर मौजूद भाजपा नेता हिमांशु शर्मा और पूर्व पार्षद रविंद्र भाटिया ने अधिकारियों के साथ तीखी बहस की। स्थानीय लोगों के भारी विरोध के बावजूद पुलिस बल की तैनाती के कारण निगम की टीम ने अपना काम जारी रखा। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि मिनी बाईपास के निर्माण में आने वाला कोई भी अवैध ढांचा बख्शा नहीं जाएगा।
अभी और भी कब्जे हटाना बाकी
ड्रेन-1 के दोनों किनारों पर कुल 237 अवैध कब्जे चिन्हित किए गए थे, जिन्हें हटाने के लिए पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं। अभियान के पहले दिन कटारिया लैंड के पास 30 पक्के कब्जों को हटाया गया था। दूसरे दिन की कार्रवाई के बाद अब भी 207 अवैध कब्जे हटाए जाने शेष हैं। नगर निगम का यह अतिक्रमण हटाओ अभियान 26 सितंबर तक अनवरत जारी रहेगा।
नगर निगम कमिश्नर डॉ. पंकज यादव ने प्रभावित लोगों से अपील की है कि वे नोटिस का सम्मान करते हुए स्वयं अपने अतिक्रमण हटा लें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निगम को बुलडोजर का इस्तेमाल करना पड़ा, तो संपत्ति का नुकसान अधिक होगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि किसी भी हाल में इस मार्ग को बाधा मुक्त किया जाए ताकि निर्माण कार्य में देरी न हो।
मिनी बाईपास से शहर को मिलेंगे बड़े लाभ
इस मिनी बाईपास के बनने से शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार आने की उम्मीद है। मुख्य रूप से सेक्टर-11, 12, 24, 25, 29 और बबैल रोड के पास स्थित सिविल अस्पताल और जिला सचिवालय की सर्विस रोड पर वाहनों का दबाव 30 से 40 प्रतिशत तक कम हो जाएगा। इसके अलावा, ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया को सीधे जीटी रोड से जोड़ने के लिए हाली झील तक आरओबी का निर्माण भी किया जा रहा है।
परियोजना के पूरा होने के बाद, जिला सचिवालय से कटारिया लैंड और सेक्टर-25 तक पहुंचने में लगने वाला समय 15-20 मिनट से घटकर महज 5-7 मिनट रह जाएगा। इससे न केवल आम नागरिकों का समय बचेगा, बल्कि ईंधन की भी भारी बचत होगी। प्रशासन का मानना है कि शहर के विकास के लिए यह बाईपास एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!