पंचकूला एफडीआर घोटाला: 5.19 करोड़ के गबन का मुख्य आरोपी समर मोहन रंगा मोहाली से गिरफ्तार
पंचकूला। पंचकूला नगर निगम का FDR घोटाला।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

पंचकूला नगर निगम में हुए बहुचर्चित एफडीआर (FDR) घोटाले और सरकारी धन के गबन के मामले में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB) को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। लंबे समय से कानून की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहे मुख्य आरोपी समर मोहन रंगा को विजिलेंस की टीम ने मोहाली से धर दबोचा है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर रची साजिश
जांच में यह खुलासा हुआ है कि आरोपी समर मोहन रंगा ने सेक्टर-11 स्थित कोटक महिंद्रा बैंक के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर एक गहरी साजिश रची थी। मिलीभगत के जरिए आरोपी ने नगर निगम के आधिकारिक बैंक खातों से करीब 5 करोड़ 19 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि को अपनी पत्नी नेहा समर रंगा के संयुक्त खाते में अवैध रूप से ट्रांसफर करवा लिया था। इस पूरे फर्जीवाड़े में समर मोहन रंगा की भूमिका मुख्य सूत्रधार की रही है।
इस वित्तीय अनियमितता का खुलासा तब हुआ जब विजिलेंस ब्यूरो ने नगर निगम के रिकॉर्ड और बैंक स्टेटमेंट का मिलान किया। जांच के दौरान पाया गया कि निगम के कागजों में जिन एफडीआर को निवेशित दिखाया गया था, उनकी राशि बैंक रिकॉर्ड में मौजूद ही नहीं थी। इसके अलावा, कई ऐसे बैंक खाते भी सामने आए जो निगम के आधिकारिक रिकॉर्ड में कहीं दर्ज नहीं थे, लेकिन उनका इस्तेमाल सरकारी धन की हेराफेरी के लिए किया जा रहा था।
अब तक 9 गिरफ्तारियां, आगे की जांच जारी
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए 24 मार्च 2026 को कोटक महिंद्रा बैंक और नगर निगम के अज्ञात अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। विजिलेंस ब्यूरो इस मामले में अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और 22 जून 2026 को अदालत में चालान भी पेश किया जा चुका है। समर मोहन रंगा की गिरफ्तारी इस मामले की एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है।
विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि दो दिन की पुलिस रिमांड के दौरान समर मोहन रंगा से गहन पूछताछ की जाएगी। मुख्य उद्देश्य गबन की गई 5.19 करोड़ रुपये की राशि की रिकवरी करना और इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान करना है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस घोटाले में और भी कोई बड़ा अधिकारी या प्रभावशाली व्यक्ति शामिल है।
प्रशासनिक स्तर पर हड़कंप
नगर निगम के धन का इस तरह से दुरुपयोग होने के बाद स्थानीय प्रशासन और निगम अधिकारियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है। सरकारी खजाने में सेंध लगाने की इस घटना ने वित्तीय सुरक्षा प्रणालियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विजिलेंस की टीम अब उन सभी बैंक खातों की जांच कर रही है जिनका उपयोग इस घोटाले में किया गया था, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में इस तरह की वित्तीय धोखाधड़ी को रोका जा सके।
आरोपी समर मोहन रंगा से पूछताछ के बाद मिलने वाली जानकारियों के आधार पर विजिलेंस आगे की कार्रवाई की रणनीति तैयार करेगी। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका और उनके बैंक खातों के लेनदेन की भी बारीकी से जांच की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के दायरे में लाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!