पलवल में टेलीग्राम ट्रेडिंग के नाम पर 1.95 लाख की धोखाधड़ी, राजस्थान से दो और आरोपी गिरफ्तार
पलवल में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने टेलीग्राम पर ट्रेडिंग के नाम पर लाखों रुपए की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने राजस्थान से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

टेलीग्राम के जरिए ट्रेडिंग का झांसा
पलवल की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए राजस्थान से दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह टेलीग्राम पर फर्जी ट्रेडिंग ग्रुप बनाकर लोगों को निवेश के नाम पर ठगने का काम कर रहा था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने एक पीड़ित से करीब 1.95 लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी।
मामले की शुरुआत तब हुई जब दुधौला गांव के रहने वाले शाहेआलम ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और आधिकारिक पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने बताया कि उसे 'मोहम्मद रशीद ट्रेडर्स' नाम के एक टेलीग्राम ग्रुप के जरिए संपर्क किया गया था। आरोपियों ने उसे ट्रेडिंग में भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया और क्यूआर कोड के माध्यम से कुल 1,95,900 रुपये की राशि हड़प ली।
बैंक खातों की जांच से खुला नेटवर्क
शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। पुलिस ने सबसे पहले उन बैंक खातों का विश्लेषण किया जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी। जांच में पाया गया कि इन खातों के तार राजस्थान से जुड़े हुए हैं। इस कड़ी में पुलिस ने पहले भी तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल था।
पूर्व में पकड़े गए आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने अपनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया। पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि वसीम खान नाम का आरोपी साइबर ठगी के लिए कमीशन के बदले बैंक खाते उपलब्ध कराने का काम करता था। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने राजस्थान के टोंक निवासी वसीम खान और सवाई माधोपुर निवासी शाहनवाज खान को धर दबोचा।
डिजिटल साक्ष्य और पुलिस रिमांड
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन फोन्स की तकनीकी जांच में 'मोहम्मद रशीद ट्रेडर्स' नाम के टेलीग्राम ग्रुप और व्हाट्सएप चैट के प्रमाण मिले हैं, जो सीधे तौर पर ठगी की पुष्टि करते हैं। पुलिस ने इन डिजिटल साक्ष्यों को केस का अहम हिस्सा माना है।
साइबर क्राइम थाना प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि दोनों आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। रिमांड के दौरान पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि इस गिरोह के तार और कहां-कहां जुड़े हैं और अब तक इन्होंने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्कता जरूरी
इस घटना ने एक बार फिर ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर सक्रिय साइबर अपराधियों के प्रति चेतावनी जारी कर दी है। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान टेलीग्राम या व्हाट्सएप ग्रुप के झांसे में आकर निवेश न करें। किसी भी प्रकार की वित्तीय लेनदेन से पहले संबंधित प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता की जांच करना अनिवार्य है।
पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है। इस गिरोह के पकड़े जाने से क्षेत्र में सक्रिय अन्य साइबर अपराधियों में भी हड़कंप मचा है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद इस गिरोह के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा और सभी दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!