पलवल: अस्पताल में बिजली गुल होने से मोबाइल टॉर्च की रोशनी में हुआ गर्भवती महिला का ऑपरेशन
पलवल के जिला नागरिक अस्पताल में एक गर्भवती महिला का ऑपरेशन मोबाइल टॉर्च की रोशनी में किया गया। गुरुवार की रात ऑपरेशन के दौरान थिएटर की बिजली गुल हो गई और वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी विफल रहीं।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

अंधेरे में ऑपरेशन करने को मजबूर हुए डॉक्टर
हरियाणा के पलवल जिला नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। गुरुवार रात को जब एक गर्भवती महिला का ऑपरेशन चल रहा था, तभी अचानक अस्पताल की बिजली गुल हो गई। स्थिति इतनी गंभीर थी कि ऑपरेशन थिएटर में लगा बैकअप सिस्टम भी काम नहीं कर सका, जिसके चलते डॉक्टरों को मोबाइल की टॉर्च जलाकर ऑपरेशन पूरा करना पड़ा।
यह घटना रात करीब 10 बजे की है। अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में मौजूद चिकित्सा टीम ने जैसे ही बिजली जाने के बाद अंधेरा देखा, उन्होंने तुरंत मोबाइल टॉर्च का सहारा लिया ताकि महिला की जान जोखिम में न पड़े। इस दौरान अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई भी वैकल्पिक बिजली व्यवस्था सक्रिय नहीं हो पाई, जिससे वहां मौजूद मरीजों और उनके परिजनों में हड़कंप मच गया।
अस्पताल की लचर व्यवस्था और सुविधाओं का अभाव
पलवल का यह जिला नागरिक अस्पताल क्षेत्र का एक प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है, जहां प्रतिदिन औसतन 2 से 3 हजार मरीज इलाज के लिए आते हैं। अस्पताल में हर महीने करीब 25 से 30 ऑपरेशन किए जाते हैं। मरीजों की भारी संख्या को देखते हुए वर्ष 2024 में अस्पताल की क्षमता को 100 बेड से बढ़ाकर 200 बेड कर दिया गया था, लेकिन सुविधाओं के विस्तार के दावे कागजों तक ही सीमित नजर आ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल की बिजली व्यवस्था हॉटलाइन से जुड़ी होने के बावजूद अक्सर गुल रहती है। जनरेटर और इन्वर्टर जैसी बुनियादी सुविधाएं भी समय पर काम नहीं करतीं, जिससे गंभीर मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस घटना ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
मोबाइल टॉर्च की रोशनी में ऑपरेशन की तस्वीरें सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उप-सिविल सर्जन डॉ. संजय सिंह ने संज्ञान लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन थिएटर में बिजली गुल होने और बैकअप सिस्टम के फेल होने के कारणों की विस्तृत जांच कराई जा रही है।
डॉ. संजय सिंह ने कहा कि ऑपरेशन के दौरान इस तरह की तकनीकी विफलता स्वीकार्य नहीं है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, अस्पताल प्रशासन इस बात का जवाब देने में जुटा है कि इतनी महत्वपूर्ण जगह पर बिजली का बैकअप क्यों उपलब्ध नहीं था और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।
इस घटना ने जिला नागरिक अस्पताल में मौजूद बुनियादी ढांचे की पोल खोल दी है। मरीजों के परिजनों ने मांग की है कि अस्पताल में बिजली आपूर्ति और आपातकालीन सेवाओं को तत्काल दुरुस्त किया जाए ताकि किसी की जान के साथ खिलवाड़ न हो सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!