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पलवल में साइबर ठगों का कारनामा: सिम स्वैप कर बैंक खाते से उड़ाए करीब 3 लाख रुपये

पलवल जिले में सिम स्वैप और फोन हैक करके एक 56 वर्षीय व्यक्ति से 2 लाख 89 हजार 500 रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

5 अगस्त 20262 मिनट पढ़ें
पलवल में साइबर ठगों का कारनामा: सिम स्वैप कर बैंक खाते से उड़ाए करीब 3 लाख रुपये
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हरियाणा के पलवल जिले में साइबर अपराधियों ने एक बेहद शातिर तरीके से धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। न्यू कॉलोनी स्थित रॉयल अपार्टमेंट के निवासी 56 वर्षीय महेंद्र अरोड़ा को निशाना बनाते हुए ठगों ने उनके मोबाइल सिम को हैक कर लिया और उनके बैंक खाते से 2 लाख 89 हजार 500 रुपये की बड़ी रकम उड़ा ली। इस घटना ने एक बार फिर डिजिटल सुरक्षा के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सिम स्वैप तकनीक का इस्तेमाल कर दिया वारदात को अंजाम

पीड़ित महेंद्र अरोड़ा का आगरा चौक स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में खाता है। साइबर क्राइम थाना पुलिस के अनुसार, अपराधियों ने 1 अगस्त से 3 अगस्त के बीच सुनियोजित तरीके से पीड़ित के सिम कार्ड को बार-बार ब्लॉक करवाया। जैसे ही पीड़ित का मोबाइल नेटवर्क गायब होता, ठग इसका फायदा उठाकर उनके बैंक खाते से अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर कर लेते थे। यह सिलसिला तीन दिनों तक लगातार चलता रहा।

महेंद्र अरोड़ा को इस ठगी का पता तब चला जब 3 अगस्त की दोपहर करीब डेढ़ बजे उन्होंने कस्टमर केयर के जरिए अपना सिम दोबारा चालू करवाया। सिम एक्टिवेट होते ही उन्हें 95 हजार रुपये कटने का एक मैसेज प्राप्त हुआ। घबराए हुए पीड़ित ने तुरंत बैंक की शाखा का रुख किया, जहां उन्हें पता चला कि उनके खाते से पिछले तीन दिनों से लगातार किस्तों में पैसे निकाले जा रहे थे।

बैंक अधिकारी बनकर आया संदिग्ध कॉल

हैरानी की बात यह है कि जब पीड़ित बैंक में मौजूद थे, तभी उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। फोन करने वाली महिला ने खुद को बैंक ऑफ बड़ौदा (असम) की कर्मचारी बताया। महिला ने दावा किया कि उनके खाते से 95 हजार रुपये निकालने की कोशिश कर रहे एक संदिग्ध व्यक्ति को उन्होंने रोक दिया है। यह कॉल ठगों की एक सोची-समझी चाल प्रतीत होती है, जिसका उद्देश्य पीड़ित को भ्रमित करना था।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित ने साइबर क्राइम थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच हवलदार निखिल को सौंप दी है। पुलिस अब उन बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है जिनमें यह रकम ट्रांसफर की गई है।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई से कुछ राशि सुरक्षित

मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए ठगी गई कुल राशि में से 99 हजार 509 रुपये को बैंक स्तर पर होल्ड करवा दिया है। पुलिस का कहना है कि बाकी रकम की बरामदगी के लिए तकनीकी साक्ष्यों और बैंक ट्रांजैक्शन ट्रेल की गहन जांच की जा रही है।

साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, सिम स्वैप धोखाधड़ी में अपराधी पीड़ित के सिम को डीएक्टिवेट करवा देते हैं और फिर उसी नंबर का नया सिम जारी करवाकर ओटीपी प्राप्त कर लेते हैं। पलवल पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि मोबाइल का नेटवर्क अचानक लंबे समय तक गायब रहे, तो तुरंत अपने संबंधित टेलीकॉम ऑपरेटर और बैंक को इसकी सूचना दें ताकि किसी भी अनधिकृत लेनदेन को रोका जा सके।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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