नूंह: नशीली कफ सिरप तस्करी मामले में आरोपी को 12 साल की कैद, कोर्ट ने लगाया भारी जुर्माना
हरियाणा के नूंह जिले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप चौहान की कोर्ट ने प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप की बड़ी मात्रा रखने के मामले में तिरवाड़ा निवासी इरफान को दोषी ठहराया है। उसे 12 साल की जेल की सजा और 1.50 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

नूंह की अदालत का कड़ा फैसला
हरियाणा के नूंह जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कानूनी कार्रवाई करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप चौहान की अदालत ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने प्रतिबंधित कफ सिरप की भारी खेप रखने के दोषी तिरवाड़ा निवासी इरफान को 12 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही, दोषी पर 1.50 लाख रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है।
न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि यदि दोषी जुर्माना राशि जमा करने में विफल रहता है, तो उसे अतिरिक्त समय तक जेल में रहना होगा। यह फैसला नशीली दवाओं के अवैध व्यापार में लिप्त लोगों के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है, जो क्षेत्र में युवाओं को नशे की लत की ओर धकेल रहे हैं।
क्या था पूरा मामला?
यह मामला 21 अगस्त 2024 का है, जब बिछौर थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि तिरवाड़ा गांव का रहने वाला इरफान अपनी गाड़ी में प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप की तस्करी कर रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने नूंह-अलवर रोड पर तिरवाड़ा के समीप नाकाबंदी की और संदिग्ध वाहन को रुकने का इशारा किया।
पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में गाड़ी की गहन तलाशी ली। इस दौरान वाहन से विंग्स कंपनी की कोडीन फॉस्फेट युक्त प्रतिबंधित कफ सिरप की 240 बोतलें बरामद की गईं। इतनी बड़ी मात्रा में नशीली दवा मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत आरोपी को हिरासत में ले लिया और उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।
अदालत ने नरमी बरतने से किया इनकार
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने ठोस सबूत और गवाह पेश किए। अदालत के समक्ष यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी के पास से बरामद की गई दवाओं की मात्रा तस्करी के स्पष्ट इरादे को दर्शाती है। बचाव पक्ष की दलीलों के बावजूद, अदालत ने इस अपराध की गंभीरता को देखते हुए किसी भी प्रकार की नरमी बरतने से इनकार कर दिया।
न्यायाधीश ने अपने फैसले में टिप्पणी की कि नशीले पदार्थों का अवैध व्यापार समाज की नींव को खोखला कर रहा है। ऐसे मामलों में उदारता दिखाने से समाज में गलत संदेश जाता है और अपराध को बढ़ावा मिलता है। इसी दृष्टिकोण के साथ, अदालत ने दोषी को 12 साल की लंबी सजा सुनाई, जो नशीली दवाओं के तस्करों के लिए एक चेतावनी है।
क्षेत्र में नशीली दवाओं के खिलाफ अभियान
नूंह जिले में पिछले कुछ समय से नशीले पदार्थों की तस्करी के मामलों में वृद्धि देखी गई है, जिसके चलते पुलिस प्रशासन ने अपनी निगरानी बढ़ा दी है। कोडीन युक्त सिरप का दुरुपयोग अक्सर युवाओं के बीच नशे के रूप में किया जाता है, जिसे रोकने के लिए पुलिस लगातार छापेमारी और गश्त कर रही है।
इस मामले में मिली सजा से स्थानीय पुलिस का मनोबल बढ़ा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के दायरे में लाकर उन्हें कड़ी सजा दिलाई जाएगी। फिलहाल, दोषी इरफान को सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!