जबलपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी: 50 से अधिक मामलों का आरोपी कुख्यात नकबजन पप्पू मल्लाह गिरफ्तार
तिलवारा थाना पुलिस ने अंतर्राज्यीय नकबजन गिरोह के सरगना प्रेमनाथ उर्फ पप्पू मल्लाह को भोपाल से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके और चोरी का सोना खरीदने वाले व्यापारी जय प्रकाश सोनी के पास से करीब 10 लाख रुपए सोने-चांदी के जेवर बरामद किए हैं।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

भोपाल से दबोचा गया अंतर्राज्यीय गिरोह का सरगना
जबलपुर की तिलवारा थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय नकबजन गिरोह के सरगना प्रेमनाथ उर्फ पप्पू मल्लाह को भोपाल से गिरफ्तार किया है। लंबे समय से फरार चल रहे इस शातिर अपराधी पर पुलिस अधीक्षक द्वारा 3 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पप्पू मल्लाह के खिलाफ देश के विभिन्न हिस्सों में 50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं, जो उसकी सक्रियता और अपराध की दुनिया में उसकी पैठ को दर्शाते हैं।
पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान पप्पू मल्लाह के साथ-साथ चोरी का सोना खरीदने वाले एक व्यापारी जय प्रकाश सोनी को भी हिरासत में लिया है। दोनों के पास से पुलिस ने करीब 10 लाख रुपये मूल्य के सोने और चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। यह गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि पप्पू मल्लाह लंबे समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था।
सीसीटीवी फुटेज से खुला चोरी का राज
यह मामला 22 मार्च 2026 को सामने आया था, जब आनंदकुंज गढ़ा निवासी सौरभ कुमार मिश्रा ने तिलवारा थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सौरभ ने बताया कि उनके भाई राहुल मिश्रा का अर्नव विहार स्थित मकान उस समय बंद था, जब चोरों ने ताले तोड़कर वहां से कीमती जेवर पार कर दिए। राहुल मिश्रा का परिवार उस समय घर पर मौजूद नहीं था, लेकिन घर में लगे सीसीटीवी कैमरों ने उन्हें चोरी की सूचना दे दी थी।
सीसीटीवी पर अलर्ट मैसेज मिलते ही परिजनों को चोरी का पता चला और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने इस मामले में बीएनएस की धारा 331(4) और 305(1) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। शुरुआती जांच में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की सूचना के आधार पर सूरज गोंड, विजय बैरागी और लखनलाल पटेल को गिरफ्तार किया था, जिनसे पूछताछ में पप्पू मल्लाह का नाम मुख्य आरोपी के रूप में सामने आया।
अपराध का तरीका और पुलिस की दबिश
पूछताछ में पकड़े गए अन्य आरोपियों ने खुलासा किया कि पप्पू मल्लाह ही इस पूरे गिरोह का संचालन करता था। वह चोरी की घटनाओं को अंजाम देने से पहले संबंधित इलाकों की रेकी करता था और चोरी के बाद माल को ठिकाने लगाने का काम भी वही संभालता था। घटना के बाद से ही वह लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था, जिससे उसे पकड़ना पुलिस के लिए एक चुनौती बन गया था।
पुलिस ने पप्पू मल्लाह के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी। अंततः, तकनीकी सर्विलांस और सटीक मुखबिरी के आधार पर पुलिस टीम ने भोपाल के गांधीनगर इलाके में घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी से पूछताछ के दौरान कई अन्य वारदातों के भी खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।
आगे की कार्रवाई
फिलहाल पुलिस हिरासत में मौजूद पप्पू मल्लाह से उसके अन्य साथियों और चोरी के माल की खरीद-फरोख्त करने वाले अन्य लोगों के बारे में पूछताछ की जा रही है। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह के पकड़े जाने से जबलपुर और आसपास के क्षेत्रों में हो रही नकबजनी की घटनाओं में कमी आएगी। पुलिस अब बरामद किए गए आभूषणों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर रही है ताकि उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत पीड़ितों को वापस सौंपा जा सके।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!