सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक फोटो वायरल करने वाले निहंग विक्की थॉमस ने मांगी माफी, मिली धार्मिक सजा
अश्लील फोटो को लेकर हुए विवाद के बाद निहंग विक्की थॉमस बुड्ढा दल के पास पहुंचा और संगत व सिंहों से हाथ जोड़कर माफी मांगी। विक्की थॉमस ने कहा कि उनसे गलती हुई है और वह इस गलती के लिए संगत से दिल से माफी मांगते हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

बुड्ढा दल के समक्ष पेश होकर मांगी माफी
सोशल मीडिया पर निहंग जसदीप सिंह की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो वायरल करने के मामले में चर्चा में आए निहंग विक्की थॉमस ने अब सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। विक्की थॉमस ने महाराष्ट्र से पंजाब आकर निहंगों के प्रमुख संगठन 'बुड्ढा दल' के सामने अपनी गलती स्वीकार की। उन्होंने संगत और जत्थेदारों के समक्ष हाथ जोड़कर भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न करने का भरोसा दिलाया है।
इस विवाद की शुरुआत तब हुई थी जब विक्की थॉमस ने जसदीप सिंह की कुछ कथित आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर दिए थे। विक्की का आरोप था कि जसदीप सिंह की इन हरकतों से पंथ की मर्यादा को ठेस पहुंची है। हालांकि, बुड्ढा दल के जत्थेदारों का मानना है कि इस तरह की सामग्री सार्वजनिक करने से पूरे पंथ की छवि धूमिल हुई है, जिसके लिए विक्की को जवाबदेह ठहराया गया।
धार्मिक सेवा और कड़े निर्देश
बुड्ढा दल ने विक्की थॉमस की माफी को स्वीकार करते हुए उन्हें धार्मिक दंड (सेवा) सुनाई है। बाबा शमशेर सिंह के अनुसार, विक्की को तख्त श्री हजूर साहिब में सरबलोह के बर्तनों की सफाई करनी होगी। इसके अतिरिक्त, पंथ खालसा के विभिन्न जोड़ मेलों के दौरान उन्हें घोड़ों को पानी पिलाने और उनकी लीद उठाने की सेवा सौंपी गई है। विक्की ने इन निर्देशों का पालन करने की सहमति दी है।
संगठन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ कोई विवादित सामग्री उनके पास आती है, तो उसे सीधे सोशल मीडिया पर डालने के बजाय पहले पंथ के जत्थेदारों के समक्ष रखा जाएगा। जत्थेदार मान सिंह ने जोर देकर कहा कि पंथ की मर्यादा सर्वोपरि है और किसी भी सदस्य को निजी स्तर पर इस तरह के कदम उठाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
जसदीप सिंह पर पूर्व में हुई कार्रवाई बरकरार
इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में रहे निहंग जसदीप सिंह के खिलाफ बुड्ढा दल द्वारा पहले ली गई कार्रवाई यथावत रहेगी। जसदीप सिंह को अगले आदेश तक निहंग बाणा पहनने, दस्तार सजाने और पंथ की अगुवाई करने से प्रतिबंधित किया गया है। जत्थेदारों ने स्पष्ट किया कि जसदीप को दी गई सजा में कोई ढील नहीं दी गई है, क्योंकि उन्होंने पूर्व में अनुशासन का उल्लंघन किया था।
विवाद के दौरान जसदीप सिंह का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें उन्हें जंजीरों से बांधकर धार्मिक दंड दिया गया था। उस समय जसदीप ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा था कि वह भविष्य में पंथ के हर आदेश का पालन करेंगे। बुड्ढा दल के जत्थेदारों ने साफ कर दिया है कि पंथ के नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कोई भी हो।
विवाद की पृष्ठभूमि
विवाद की शुरुआत विक्की थॉमस द्वारा जारी किए गए 11 मिनट के एक वीडियो और 100 से अधिक क्लिप्स के दावों से हुई थी। विक्की का तर्क था कि जसदीप सिंह को सम्मानित करने की तैयारी से वह नाराज थे, क्योंकि उन्हें जसदीप के आचरण पर संदेह था। इसी गुस्से में उन्होंने सोशल मीडिया का सहारा लिया, जिससे मामला तूल पकड़ गया और अंततः उन्हें बुड्ढा दल के सामने पेश होना पड़ा।
वर्तमान में, बुड्ढा दल ने इस मामले को सुलझा लेने का संकेत दिया है, लेकिन जसदीप सिंह और विक्की थॉमस दोनों को ही पंथक मर्यादाओं के दायरे में रहने की सख्त हिदायत दी गई है। यह घटना निहंग संगठनों के भीतर अनुशासन और सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर चल रही बहस का एक बड़ा हिस्सा बन गई है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!