नवादा गोलीकांड: मुख्य आरोपी ने किया सरेंडर, संवेदनशील इलाकों में धारा 163 लागू
मामले की गंभीरता को देखते हुए नवादा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (SIT) बनाई गई। पुलिस के मुताबिक, इस कार्रवाई के 72 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

नवादा गोलीबारी मामला: मुख्य आरोपी ने कोर्ट में किया आत्मसमर्पण
बिहार के नवादा जिले के हिसुआ थाना क्षेत्र स्थित पाचुंगढ़ में हुई हिंसक गोलीबारी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। बीते 1 सितंबर 2026 को चंद्रवंशी नगर में दो गुटों के बीच हुए इस संघर्ष में एक व्यक्ति की जान चली गई थी, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया था, जिसने लगातार दबिश और कानूनी दबाव बनाकर मुख्य आरोपी नीरज कुमार उर्फ कारू डॉन को आत्मसमर्पण करने पर मजबूर कर दिया।
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी के खिलाफ वारंट जारी होने के बाद इश्तेहार और कुर्की की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस दबाव के चलते घटना के 72 घंटों के भीतर ही आरोपी ने अदालत में सरेंडर कर दिया। इसके अलावा, इस पूरे मामले में शामिल 10 अन्य संदिग्धों के खिलाफ भी कोर्ट से वारंट प्राप्त हो चुके हैं और उनकी धरपकड़ के लिए छापेमारी की जा रही है।
सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट को लेकर सख्त कार्रवाई
गोलीबारी की घटना के बाद से ही इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। इस बीच, सोशल मीडिया पर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा भ्रामक, विवादित और भड़काऊ सामग्री फैलाई गई, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने का खतरा पैदा हो गया। पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम ऐसे पोस्ट पर पैनी नजर रख रही है और आपत्तिजनक सामग्री को हटाने के लिए आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के साथ समन्वय किया जा रहा है।
साइबर थाने में इस संबंध में दो अलग-अलग मामले (कांड संख्या 82/26 और 83/26) दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भड़काऊ पोस्ट शेयर करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हिसुआ थाने में भी इस घटना से जुड़े पांच अन्य मामले दर्ज किए गए हैं, जिनकी गहन जांच जारी है।
इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, धारा 163 प्रभावी
शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) के आदेश पर संवेदनशील इलाकों में धारा 163 लागू कर दी गई है। बगोदर और विश्वशांति चौक सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए सतर्कता बरती जा रही है।
पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और न ही उन्हें सोशल मीडिया पर साझा करें। कानून को अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त चेतावनी जारी की है कि सामाजिक शांति भंग करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दोनों पक्षों पर मुकदमा, पूर्व एमएलसी भी नामजद
इस मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है। साइबर डीएसपी शाहनवाज अख्तर ने जानकारी दी कि दर्ज मुकदमों में पूर्व एमएलसी अशोक चंद्रवंशी और मोनू सिंह को नामजद किया गया है। पुलिस की जांच में यह सामने आया है कि एक पक्ष ने बहुजन समाज के खिलाफ, तो दूसरे पक्ष ने सवर्ण समाज के प्रति आपत्तिजनक बयानबाजी की थी।
वर्तमान में पुलिस अनुसंधान जारी है और घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, अन्य संदिग्धों की संलिप्तता सामने आने पर उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का मुख्य लक्ष्य इलाके में पूर्ण शांति बहाल करना और दोषियों को सजा दिलाना है।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!