नालंदा पुलिस लाइन में 164 नए सिपाहियों ने ली शपथ, अब अरवल और जहानाबाद में संभालेंगे मोर्चा
नालंदा पुलिस के बेड़े में आज 162 नए जांबाज सिपाही आधिकारिक रूप से शामिल होने जा रहे हैं। पुलिस लाइन में आयोजित भव्य दीक्षांत परेड (पासिंग आउट परेड) में जवान देश और संविधान के प्रति अपनी निष्ठा की शपथ लेंगे।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

नालंदा में भव्य दीक्षांत परेड का आयोजन
बिहार पुलिस के बेड़े में 164 नए जांबाज सिपाही आधिकारिक रूप से शामिल हो गए हैं। नालंदा पुलिस लाइन में आयोजित एक भव्य दीक्षांत परेड (पासिंग आउट परेड) के दौरान इन जवानों ने देश और संविधान के प्रति अपनी निष्ठा की शपथ ली। इस समारोह में आईजी जितेंद्र राणा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और उन्होंने जवानों के अनुशासन की सराहना की।
कड़ी ट्रेनिंग के बाद ये जवान अब बिहार पुलिस की मुख्यधारा में सेवा देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। प्रशिक्षण के दौरान इन सिपाहियों को परेड, हथियार चलाने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध अनुसंधान और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों में निपुण बनाया गया है। इसके अलावा, बदलते दौर को देखते हुए इन्हें साइबर अपराधों से निपटने की भी विशेष ट्रेनिंग दी गई है।
आईजी ने दी कर्तव्यनिष्ठा और विनम्रता की सीख
समारोह को संबोधित करते हुए आईजी जितेंद्र राणा ने सभी नए जवानों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि पुलिस की वर्दी केवल एक पोशाक नहीं, बल्कि सेवा और जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने जवानों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपने पूरे सेवाकाल के दौरान अनुशासन बनाए रखें और आम जनता के साथ व्यवहार करते समय हमेशा विनम्रता और शालीनता का परिचय दें।
आईजी ने जोर देकर कहा कि पुलिसकर्मी को बिना किसी भेदभाव या द्वेष के निष्पक्षता के साथ काम करना चाहिए। उन्होंने वर्दी की गरिमा बनाए रखने और सत्यनिष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने की सीख दी, ताकि पुलिस बल की छवि और अधिक बेहतर हो सके।
आधुनिक कानूनों और तकनीकी प्रशिक्षण पर जोर
पुलिस अधीक्षक भरत सोनी ने बताया कि इन प्रशिक्षुओं ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी ड्यूटी बखूबी निभाई है। उन्होंने उल्लेख किया कि प्रशिक्षण के दौरान जवानों को भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम जैसे नए आपराधिक कानूनों का गहन प्रशिक्षण दिया गया है। इन कानूनों की समझ उन्हें भविष्य में बेहतर जांच अधिकारी बनाने में मदद करेगी।
तकनीकी दक्षता बढ़ाने के लिए साइबर सेल की टीम द्वारा विशेष सत्र आयोजित किए गए थे। वहीं, आउटडोर गतिविधियों के तहत शारीरिक दक्षता, बाधा पार करने (बैटल ऑब्सटेकल कोर्स) और फायरिंग का अभ्यास राजगीर स्थित सीआरपीएफ अकादमी में कराया गया, जिससे जवान हर चुनौती के लिए तैयार हो सकें।
विविधता का प्रतीक बना नया बैच
यह 164 जवानों का बैच न केवल बिहार के युवाओं से बना है, बल्कि इसमें उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और झारखंड जैसे राज्यों के युवा भी शामिल हैं। यह विविधता पुलिस बल में 'एक भारत' की भावना को दर्शाती है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अब इन जवानों को अरवल और जहानाबाद जिलों में तैनात किया जाएगा।
अधिकारियों ने विश्वास जताया है कि ये नए सिपाही अपनी ड्यूटी के दौरान पूरी कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देंगे और जनता की सुरक्षा व आकांक्षाओं पर खरे उतरेंगे। समारोह के दौरान राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी गई और जवानों ने पद व गोपनीयता की शपथ ली।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!