नागदा: भाजपा नेता के घर अवैध शराब मिलने पर सियासी घमासान, पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल
नागदा के पास महिदपुर रोड थाना क्षेत्र में भाजपा युवा मोर्चा के जिला मंत्री और महिदपुर रोड मंडल उपाध्यक्ष राम कुमावत के खिलाफ अवैध शराब का केस दर्ज होने के बाद स्थानीय राजनीति गरमा गई है। महिदपुर से कांग्रेस विधायक दिनेश जैन बोस और उज्जैन जिला ग्रामीण अध्यक्ष महेश परमार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

भाजपा नेता के घर छापेमारी से गरमाई सियासत
मध्य प्रदेश के नागदा के समीप महिदपुर रोड थाना क्षेत्र में एक भाजपा नेता के घर से अवैध शराब बरामद होने के बाद स्थानीय राजनीति में भारी उबाल आ गया है। इस मामले में भाजपा युवा मोर्चा के जिला मंत्री और महिदपुर रोड मंडल उपाध्यक्ष राम कुमावत का नाम सामने आया है। कुमावत के घर पर पुलिस की दबिश और उसके बाद की कार्रवाई ने विपक्षी दलों को सरकार पर हमला करने का मौका दे दिया है।
कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने पुलिस की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। महिदपुर से कांग्रेस विधायक दिनेश जैन बोस और उज्जैन जिला ग्रामीण अध्यक्ष महेश परमार ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने इस मामले में आरोपी को बचाने का प्रयास किया है। कांग्रेस का दावा है कि मौके से करीब 30 पेटी शराब बरामद हुई थी, लेकिन पुलिस ने इसे मात्र 31 क्वार्टर तक सीमित कर दिया, जिससे मामला हल्का हो गया।
आरोपी की खुलेआम सक्रियता पर कांग्रेस का हमला
विपक्ष का आरोप है कि मामला दर्ज होने के बावजूद आरोपी भाजपा नेता न केवल खुलेआम घूम रहा है, बल्कि राजनीतिक कार्यक्रमों में भी सक्रिय बना हुआ है। कांग्रेस विधायक ने बताया कि एफआईआर दर्ज होने के अगले ही दिन राम कुमावत को युवा मोर्चा के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष के स्वागत कार्यक्रम में मंच साझा करते देखा गया। इस दौरान शहर में बैनर-पोस्टर लगाए गए और कुमावत ने सोशल मीडिया पर भी अपनी सक्रियता दिखाई, जो पुलिस की कार्रवाई की गंभीरता पर सवाल उठाता है।
पुलिस के अनुसार, शुक्रवार 11 सितंबर को ग्राम समगावली में रामप्रसाद कुमावत के घर पर छापेमारी की गई थी। पुलिस का कहना है कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि घर में अवैध शराब का भंडारण किया गया है। तलाशी के दौरान पुलिस ने 31 क्वार्टर सफेद शराब, 3 लंदन प्राइड, 4 बीयर और अन्य विदेशी शराब की बोतलें बरामद कीं। पुलिस ने बरामद शराब की कुल कीमत करीब 4 हजार रुपये आंकी है।
पुलिस और संगठन का पक्ष
मामले की जांच कर रहे थाना प्रभारी रामसिंह भाभौर ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह एक छोटा मामला है। उन्होंने तर्क दिया कि बरामद शराब घर में निजी उपयोग के लिए रखी गई थी। पुलिस का कहना है कि कानून के अनुसार जो साक्ष्य मिले, उसी के आधार पर मामला दर्ज किया गया है।
वहीं, युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष हरजीत सिंह कड़ोदिया ने सफाई देते हुए कहा कि स्वागत कार्यक्रम में भीड़ अधिक होने के कारण उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि कौन व्यक्ति किस विवाद में शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे व्यक्तिगत रूप से आरोपी को नहीं जानते हैं। कड़ोदिया ने आश्वासन दिया कि नई कार्यकारिणी में किसी भी ऐसे व्यक्ति को स्थान नहीं दिया जाएगा जो अवैध गतिविधियों में लिप्त पाया जाता है।
आगे की स्थिति
इस घटना ने स्थानीय स्तर पर भाजपा की छवि और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर बहस छेड़ दी है। कांग्रेस ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और शराब की मात्रा कम दिखाने के आरोपों की भी गहन पड़ताल की जाए। फिलहाल, आरोपी के खिलाफ दर्ज मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह मुद्दा लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!