नागौर मतदाता सूची में धांधली का आरोप: हनुमान बेनीवाल ने की निष्पक्ष जांच की मांग, प्रशासन ने नकारा
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद हनुमान बेनीवाल ने नगर निकाय चुनाव से ठीक पहले नागौर नगर परिषद की मतदाता सूचियों में धांधली और अनियमितताओं का आरोप लगाया है। सांसद ने एसडीएम सहित निर्वाचन अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, जिसके बाद मामला राज्य निर्वाचन आयोग तक पहुंच गया है।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

मतदाता सूची में गड़बड़ी के गंभीर आरोप
राजस्थान के नागौर में आगामी नगर निकाय चुनाव से पहले मतदाता सूचियों को लेकर विवाद गहरा गया है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद हनुमान बेनीवाल ने स्थानीय प्रशासन पर मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर धांधली करने का आरोप लगाया है। बेनीवाल का दावा है कि 21 अगस्त 2026 के बाद सुनियोजित तरीके से फर्जी नाम मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं।
सांसद ने इस मामले को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त, मुख्य निर्वाचन अधिकारी और सचिव को पत्र लिखा है। उन्होंने फोन के माध्यम से भी उच्च अधिकारियों को अवगत कराते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। बेनीवाल का आरोप है कि कुछ वार्डों में पात्र मतदाताओं के नाम जानबूझकर हटाए गए हैं, जबकि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बाहरी लोगों के नाम जोड़े गए हैं।
फर्जी दस्तावेजों और तकनीकी छेड़छाड़ का दावा
सांसद हनुमान बेनीवाल ने अपनी शिकायत में विशेष रूप से वार्ड संख्या 60, 26, 29, 30 और 37 का उल्लेख किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि इन वार्डों में नियम-कानूनों को ताक पर रखकर सैकड़ों नाम सूची में दर्ज किए गए हैं। उन्होंने प्रशासन पर एक विशेष राजनीतिक दल के दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फर्जी बिजली बिल और संदिग्ध दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया है।
बेनीवाल ने यह भी आशंका जताई है कि कुछ दस्तावेजों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) या डिजिटल माध्यमों से छेड़छाड़ की गई है। उन्होंने मांग की है कि 21 अगस्त के बाद हुई सभी प्रविष्टियों का वार्डवार ऑडिट किया जाए और प्रत्येक नाम का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित किया जाए ताकि चुनाव की शुचिता बनी रहे।
प्रशासन का पलटवार: आरोपों को बताया बेबुनियाद
सांसद के इन गंभीर आरोपों पर नागौर के एसडीएम गोविंद सिंह भींचर ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और संशोधन की पूरी प्रक्रिया नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई है। उन्होंने कहा कि किसी भी नाम को जोड़ने से पहले तीन स्तरों पर सत्यापन किया गया है।
एसडीएम ने कहा कि कुछ लोग राजनीतिक लाभ लेने के लिए मनगढ़ंत कहानियां फैला रहे हैं और माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए बताया कि एक शिकायतकर्ता ने एक वार्ड में 800 नाम फर्जी तरीके से जोड़ने का दावा किया था, जबकि वास्तविकता यह है कि वहां केवल 500 नाम ही जोड़े गए हैं, जो पूरी तरह वैध हैं।
चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल
नगर निकाय चुनाव से ठीक पहले उपजे इस विवाद ने स्थानीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। एक तरफ जहां सांसद बेनीवाल ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय प्रशासन अपनी कार्यप्रणाली को पूरी तरह निष्पक्ष बता रहा है। अब सबकी निगाहें राज्य निर्वाचन आयोग के अगले कदम पर टिकी हैं कि क्या आयोग इस मामले में कोई जांच कमेटी गठित करता है या नहीं।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!