नागौर मंडी अपडेट: जीरे की कीमतों में मामूली गिरावट, मूंग और ग्वार में रही तेजी
नागौर कृषि उपज मंडी में गुरुवार को ज्यादातर कृषि जिंसों के भाव मजबूत रहे। जीरा 21,500 रुपए प्रति क्विंटल तक बिका, हालांकि इसके अधिकतम भाव में 300 रुपए की नरमी दर्ज हुई।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

नागौर मंडी में कृषि जिंसों का कारोबार
राजस्थान की नागौर कृषि उपज मंडी में गुरुवार के दिन अधिकांश कृषि उत्पादों के भाव में मजबूती का रुख देखा गया। बाजार में मांग और आवक के संतुलन के चलते कई प्रमुख फसलों की कीमतों में उछाल दर्ज किया गया। हालांकि, कुछ फसलों के अधिकतम भाव में मामूली नरमी भी देखने को मिली, लेकिन कुल मिलाकर कारोबार सकारात्मक रहा।
जीरे के भाव में उतार-चढ़ाव
मंडी में सबसे अधिक चर्चा में रहने वाली फसल जीरा रही। गुरुवार को जीरे का भाव 17,000 से 21,500 रुपए प्रति क्विंटल के बीच दर्ज किया गया। पिछले कारोबारी सत्र की तुलना में इसके अधिकतम भाव में 300 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट आई है। बावजूद इसके, जीरा अभी भी मंडी की सबसे महंगी बिकने वाली फसलों में शीर्ष पर बना हुआ है।
मूंग और ग्वार की कीमतों में सुधार दर्ज किया गया है। मूंग के भाव 5,500 से 7,600 रुपए प्रति क्विंटल के दायरे में रहे, जिसमें पिछले दिनों की तुलना में तेजी दिखी। वहीं, ग्वार के भाव 5,000 से 5,611 रुपए प्रति क्विंटल के बीच रहे। बाजार जानकारों के अनुसार, खरीफ सीजन की आवक और फसल की गुणवत्ता के आधार पर इन जिंसों के भाव में लगातार बदलाव हो रहा है।
सौंफ, तिल और अन्य फसलों की स्थिति
सौंफ के दाम 7,000 से 12,000 रुपए प्रति क्विंटल के बीच बने रहे, जिससे किसानों को अच्छी कीमत मिली। तिल के बाजार में भी रौनक रही, जहां काला तिल 9,000 से 11,000 रुपए और सफेद तिल 10,000 से 11,500 रुपए प्रति क्विंटल तक बिका। इसके अलावा मेथी दाना 5,700 से 6,000 रुपए, सिंधी सुवा 6,000 से 7,500 रुपए और तारामीरा 5,500 से 6,200 रुपए प्रति क्विंटल के भाव पर कारोबार करता दिखा।
ज्वार की कीमतों में भी स्थिरता देखी गई, जो 4,500 से 6,000 रुपए प्रति क्विंटल के बीच रही। हालांकि, इसबगोल की आवक मंडी में नहीं हुई, जिसके कारण इसका कोई भी कारोबार दर्ज नहीं किया गया।
चना और सरसों के भाव
चना के भाव 5,000 से 5,650 रुपए प्रति क्विंटल के बीच स्थिर रहे। सरसों (रायड़ा) के लिए मंडी समिति ने 40 प्रतिशत तेल की मात्रा के आधार पर औसत भाव 7,600 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। सरसों की कीमतों में मजबूती का रुख बना हुआ है, जो किसानों के लिए राहत की बात है।
मंडी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिंसों के वास्तविक बोली भाव फसल में नमी, गुणवत्ता और मंडी में होने वाली कुल आवक पर निर्भर करते हैं। इसलिए, किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी उपज लाने से पहले स्थानीय स्तर पर गुणवत्ता की जांच अवश्य कर लें।
कुल मिलाकर, नागौर मंडी में गुरुवार का दिन किसानों और व्यापारियों के लिए मिला-जुला रहा। जीरे में मामूली नरमी के बावजूद अन्य फसलों में आई तेजी ने बाजार का संतुलन बनाए रखा है। आने वाले दिनों में आवक के दबाव और मांग के आधार पर कीमतों में और बदलाव की संभावना बनी हुई है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!