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नागौर में निकाय चुनाव से पहले पुलिस का बड़ा प्रहार: अवैध हथियारों के साथ 4 तस्कर गिरफ्तार

निकाय चुनावों के मद्देनजर अवैध हथियारों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान में नागौर पुलिस की डीएसटी और खाटूबड़ी थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। संयुक्त टीम ने अवैध हथियार सप्लायर समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

28 अगस्त 20263 मिनट पढ़ें
नागौर में निकाय चुनाव से पहले पुलिस का बड़ा प्रहार: अवैध हथियारों के साथ 4 तस्कर गिरफ्तार
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निकाय चुनाव से पहले पुलिस की बड़ी कार्रवाई

राजस्थान के नागौर जिले में आगामी निकाय चुनावों को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। इसी क्रम में खाटूबड़ी थाना पुलिस और जिला विशेष टीम (DST) ने एक संयुक्त अभियान के तहत अवैध हथियारों के नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में एक मुख्य सप्लायर सहित चार लोगों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि क्षेत्र में अवैध हथियारों की तस्करी की जा रही है। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए टीम ने जाल बिछाया और मुख्य आरोपी ओमप्रकाश, जो ढेहरी का निवासी है, को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने अन्य तीन आरोपियों श्रवणराम, सुरेश और ओमप्रकाश को भी गिरफ्तार कर लिया।

हथियारों का जखीरा बरामद

आरोपियों की तलाशी और उनकी निशानदेही पर पुलिस ने भारी मात्रा में अवैध हथियार बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से 6 पिस्टल और 24 जिंदा कारतूस जब्त किए गए हैं। बरामद किए गए हथियारों की संख्या यह दर्शाती है कि यह गिरोह काफी समय से सक्रिय था और चुनाव के दौरान किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हो सकता था।

प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि मुख्य आरोपी ओमप्रकाश पिछले दो वर्षों से अवैध हथियारों की तस्करी के धंधे में लिप्त था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह इन हथियारों को कहां से खरीदता था और अब तक उसने कितने लोगों को हथियार बेचे हैं। इस नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने के लिए पुलिस गहन पूछताछ कर रही है।

चुनावों के मद्देनजर विशेष अभियान

नागौर एसपी आसाराम चौधरी ने बताया कि निकाय चुनावों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस द्वारा अवैध हथियारों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना और आपराधिक तत्वों पर लगाम लगाना है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इन हथियारों का उपयोग चुनाव के दौरान किसी प्रकार की हिंसा फैलाने के लिए किया जाना था।

गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। इस मामले की आगे की जांच रोल थाना पुलिस को सौंप दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह के अन्य साथियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

जांच का दायरा बढ़ा

पुलिस की यह कार्रवाई क्षेत्र में अवैध हथियारों के तस्करों के बीच हड़कंप मचाने वाली है। जांच दल अब इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रहा है कि हथियारों की आपूर्ति का मुख्य स्रोत कौन है। पुलिस का मानना है कि इस नेटवर्क के तार अंतरराज्यीय गिरोहों से भी जुड़े हो सकते हैं, जिसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो पाएगी।

स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस की ओर से लगातार गश्त बढ़ाई जा रही है और संदिग्धों पर कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित किया जा सके।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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