नागौर: फोम फैक्ट्री में लगी भीषण आग, 60 लाख का सामान जलकर राख
रात करीब 11 बजे फैक्ट्री में अचानक आग भड़क उठी। फोम और अन्य ज्वलनशील सामग्री होने के कारण आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राजस्थान के नागौर शहर में रविवार देर रात एक भीषण अग्निकांड की घटना सामने आई है। डेह रोड स्थित गोरखनाथ मंदिर के समीप स्थित एक फोम, सोफा और गद्दा निर्माण इकाई में अचानक आग लग गई। ज्वलनशील सामग्री की अधिकता के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे फैक्ट्री में रखा लाखों का कीमती सामान जलकर पूरी तरह खाक हो गया।
दो घंटे की मशक्कत के बाद काबू पाई गई आग
घटना की शुरुआत रविवार रात करीब 11 बजे हुई। फैक्ट्री से आग की लपटें उठती देख स्थानीय लोगों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी। दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन फोम और रसायनों के कारण आग पर काबू पाना चुनौतीपूर्ण रहा। स्थिति यह थी कि दमकल गाड़ियों का पानी आधे घंटे में ही खत्म हो गया, जिसके बाद दोबारा पानी भरकर आग बुझाने का अभियान चलाया गया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दमकलकर्मियों ने आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया।
फैक्ट्री संचालक ने इस घटना में भारी नुकसान का दावा किया है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, तैयार सोफे, गद्दे, होम डेकोर का सामान और कच्चा माल जलने से लगभग 60 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। गनीमत रही कि घटना के समय फैक्ट्री में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध युवक की गतिविधि
आग लगने के कारणों की जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है। फुटेज में एक युवक शॉल ओढ़े हुए फैक्ट्री की ओर जाते हुए दिखाई दे रहा है। कुछ ही पलों बाद उसी दिशा से आग की लपटें उठती नजर आईं और वही युवक वहां से तेजी से भागता हुआ दिखा। स्थानीय निवासियों का यह भी दावा है कि युवक के हाथ में कोई ज्वलनशील पदार्थ देखा गया था, हालांकि पुलिस ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
कोतवाली थाना पुलिस ने फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है और युवक की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि वे इस मामले को हर एंगल से देख रहे हैं, जिसमें शॉर्ट सर्किट की संभावना से लेकर किसी की संदिग्ध भूमिका तक शामिल है।
पुलिस की जांच और आगामी कार्रवाई
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फैक्ट्री मालिक के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और फॉरेंसिक साक्ष्यों को भी जुटाया जा रहा है ताकि आग के वास्तविक कारणों का पता चल सके। पुलिस का कहना है कि संदिग्ध युवक की पहचान होते ही मामले की गुत्थी सुलझ जाएगी और उसके बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि यह महज एक दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश है।
इस घटना ने स्थानीय व्यापारियों में भी चिंता पैदा कर दी है। औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाओं को लेकर अब प्रशासन से कड़े कदम उठाने की मांग उठ रही है। फिलहाल क्षेत्र में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है और जांच जारी है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!