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मुजफ्फरपुर पूर्व मेयर हत्याकांड: 8 साल बाद आज आएगा फैसला, AK-47 से हुई थी दोहरी हत्या

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत पहले सेशन ट्रायल में छह आरोपियों के खिलाफ फैसला सुनाएगी। वहीं, इसी हत्याकांड से जुड़े दूसरे सेशन ट्रायल में बुधवार को पूर्व मेयर के पुत्र तुषार भारद्वाज ने अदालत में गवाही दी।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

6 अगस्त 20263 मिनट पढ़ें
मुजफ्फरपुर पूर्व मेयर हत्याकांड: 8 साल बाद आज आएगा फैसला, AK-47 से हुई थी दोहरी हत्या
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मुजफ्फरपुर के बहुचर्चित पूर्व मेयर समीर कुमार और उनके ड्राइवर रोहित कुमार हत्याकांड में गुरुवार का दिन न्याय की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत इस दोहरे हत्याकांड के पहले सेशन ट्रायल में छह दोषियों के खिलाफ अपना फैसला सुनाएगी। इस मामले ने 2018 में पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया था, और अब आठ साल बाद पीड़ित परिवारों को अदालत से न्याय की उम्मीद है।

छह आरोपियों पर आज आएगा फैसला

पहले सेशन ट्रायल में जिन छह आरोपियों के भाग्य का फैसला होना है, उनमें मृत्युंजय कुमार उर्फ पिंटू सिंह, ओंकार सिंह उर्फ रंजय, सुशील छापड़िया, नवीन कुमार, श्यामनंदन मिश्र और सुजीत कुमार शामिल हैं। इन सभी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 120-बी और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा चलाया गया है। अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष 13 गवाह पेश किए थे। सात जुलाई को बहस पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

हत्याकांड से जुड़े दूसरे सेशन ट्रायल की प्रक्रिया भी समानांतर चल रही है। बुधवार को पूर्व मेयर के पुत्र तुषार भारद्वाज ने अदालत में गवाही दी। वे इस मामले में पांचवें गवाह के रूप में सामने आए हैं। इस ट्रायल में शंभू सिंह, प्रद्युम्न शर्मा उर्फ मंटू शर्मा और राजू तुरहा आरोपी हैं। गुरुवार को इस मामले में छठे गवाह का बयान दर्ज किया जाएगा।

2018 में एके-47 से हुई थी सनसनीखेज हत्या

यह घटना 23 सितंबर 2018 की शाम को नगर थाना क्षेत्र के नवाब रोड-चंदवारा इलाके में हुई थी। पूर्व मेयर समीर कुमार अपनी कार से जा रहे थे, तभी हमलावरों ने एके-47 जैसे घातक हथियार का इस्तेमाल कर उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। इस हमले में समीर कुमार और उनके ड्राइवर रोहित कुमार की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस घटना के बाद शहर में भारी तनाव फैल गया था।

पुलिस जांच में यह बात सामने आई थी कि कल्याणी मछली मंडी की जमीन पर कब्जे के विवाद और प्रॉपर्टी डीलिंग के चलते इस हत्याकांड की साजिश रची गई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई चरणों में चार्जशीट दाखिल की थी। जांच के दौरान कुल 12 आरोपियों के नाम सामने आए थे, जिनमें से कुछ की इस बीच अन्य घटनाओं में मौत हो चुकी है।

न्यायिक प्रक्रिया और गवाहों की भूमिका

दूसरे सेशन ट्रायल में अब तक पूर्व मेयर की पत्नी वर्षा रानी, भाई सुमित कुमार, ड्राइवर रोहित के पिता राजेश मिश्र और तत्कालीन नगर थानाध्यक्ष मो. शुजाउद्दीन अपनी गवाही दर्ज करा चुके हैं। अदालत ने पूरक चार्जशीट दाखिल होने के बाद आरोप तय किए थे, जिसके बाद से ही गवाहों के बयान दर्ज करने का सिलसिला जारी है। घटना के समय तुषार भारद्वाज दिल्ली में थे, इसलिए उनकी गवाही को साक्ष्य के तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इस पूरे मामले में कई उतार-चढ़ाव आए हैं। जांच के दौरान 11 आरोपियों की संलिप्तता स्पष्ट हुई थी, जिनमें से गोविंद शर्मा और आशुतोष शाही जैसे नाम शामिल थे, जिनकी बाद में अलग-अलग घटनाओं में हत्या हो गई। कथित शूटर गोविंद कुमार की भी गैंगवार में जान जा चुकी है। इन मौतों के बावजूद कानूनी प्रक्रिया अपने तार्किक अंत तक पहुंच रही है।

आज आने वाला फैसला न केवल पीड़ित परिवार के लिए बल्कि पूरे मुजफ्फरपुर के लिए एक बड़ा संदेश होगा। शहर की निगाहें अदालत के रुख पर टिकी हैं। कानून के जानकारों का मानना है कि अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए साक्ष्य और गवाहों के बयान इस मामले में सजा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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