मुजफ्फरपुर में AK-47 तस्करी का मास्टरमाइंड भैरव त्रिपाठी गिरफ्तार, NIA और STF की बड़ी कार्रवाई
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बिहार पुलिस एसटीएफ और मुजफ्फरपुर जिला पुलिस के साथ मिलकर AK-47 राइफल-कारतूस बरामदगी मामले में फरार आरोपी भैरव त्रिपाठी को गिरफ्तार किया है। भैरव त्रिपाठी पर नागालैंड से आधुनिक हथियारों की तस्करी का आरोप है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मुजफ्फरपुर में एके-47 राइफल और कारतूसों की बरामदगी से जुड़े एक गंभीर मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एजेंसी ने बिहार पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी भैरव त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र से की गई है।
नागालैंड से हथियारों की तस्करी का आरोप
गिरफ्तार आरोपी भैरव त्रिपाठी मुजफ्फरपुर के अहियापुर का रहने वाला है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, त्रिपाठी पर नागालैंड से बिहार में आधुनिक और प्रतिबंधित बोर के हथियारों की तस्करी करने का गंभीर आरोप है। एजेंसी का मानना है कि वह अपने सहयोगियों के साथ मिलकर एक बड़े नेटवर्क को संचालित कर रहा था, जिसका उद्देश्य राज्य की कानून-व्यवस्था को प्रभावित करना और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करना था।
भैरव त्रिपाठी का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। उसके खिलाफ दिल्ली की एनआईए शाखा और बिहार के विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास, एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट जैसी धाराओं के तहत कुल 8 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से पुलिस और जांच एजेंसियों की रडार पर था।
मुरघटिया पुल से शुरू हुई थी जांच
इस पूरे मामले की जड़ 7 मई 2024 को मुजफ्फरपुर के फकुली थाना क्षेत्र के मुरघटिया पुल के पास हुई एक कार्रवाई में है। उस दौरान स्थानीय पुलिस ने एक लेंस लगी एके-47 राइफल और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किए थे। इस दौरान चार आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया था। मामले की संवेदनशीलता और अंतरराज्यीय हथियारों की तस्करी के तार जुड़े होने के कारण एनआईए ने 5 अगस्त 2024 को इस मामले को अपने हाथों में ले लिया था।
एनआईए ने इस मामले में अब तक तीन पूरक आरोप पत्र दाखिल किए हैं। पहला आरोप पत्र 8 मई 2025 को विकास कुमार, सत्यम कुमार, देवमणि राय और अहमद अंसारी के खिलाफ दायर किया गया था। इसके बाद 20 फरवरी 2026 को मंजूर खान और 15 अप्रैल 2026 को कुंदन कुमार उर्फ कुंदन भगत के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किए गए। इन सभी पर यूए (पी) एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
भैरव त्रिपाठी की गिरफ्तारी को इस मामले में एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि उससे पूछताछ के दौरान हथियारों की तस्करी के पूरे नेटवर्क और उसके अन्य सहयोगियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां मिलेंगी। एनआईए अब आरोपी को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है ताकि तस्करी के इस अंतरराज्यीय गिरोह की जड़ों तक पहुंचा जा सके।
मुजफ्फरपुर में हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर बिहार में अवैध हथियारों की तस्करी के बढ़ते नेटवर्क पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए ऐसे संगठित गिरोहों का खात्मा करना प्राथमिकता है। फिलहाल, भैरव त्रिपाठी से पूछताछ जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!