मुजफ्फरनगर: प्रसव के बदले 5 हजार रुपये घूस लेने का वीडियो वायरल, स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच
मुजफ्फरनगर के चरथावल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) का कथित रिश्वतखोरी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। वीडियो में एक स्टाफ नर्स पर प्रसव कराने के नाम पर ₹5 हजार लेने का आरोप लगाया गया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मुजफ्फरनगर जिले के चरथावल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से जुड़ा एक कथित रिश्वतखोरी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। वीडियो में एक स्टाफ नर्स पर प्रसव कराने की एवज में पांच हजार रुपये की रिश्वत लेने का गंभीर आरोप लगाया गया है।
वीडियो में क्या है मामला
वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि अस्पताल परिसर के भीतर एक स्टाफ नर्स प्रसव सेवा देने के नाम पर रुपये की मांग कर रही है। आरोप है कि नर्स ने मरीज के परिजनों से पांच हजार रुपये लिए और उन्हें अपनी जेब में रख लिया। यह वीडियो मंगलवार दोपहर के समय सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले का संज्ञान लिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. सुनील तेवतिया ने तत्काल प्रभाव से जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और ऐसी किसी भी अवैध वसूली को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दो डॉक्टरों की टीम गठित
पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने दो वरिष्ठ चिकित्सकों की एक विशेष समिति गठित की है। यह टीम वीडियो की सत्यता की जांच करेगी और यह पता लगाएगी कि क्या वास्तव में अस्पताल में अवैध वसूली की जा रही थी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित स्वास्थ्यकर्मी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी। विभाग का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को किसी भी प्रकार की आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
नर्स का किया गया स्थानांतरण
प्रशासन ने भ्रष्टाचार के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए त्वरित कदम उठाए हैं। एहतियात के तौर पर, संबंधित स्टाफ नर्स को चरथावल सीएचसी से तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित कर दिया गया है। यह कदम जांच प्रक्रिया को प्रभावित होने से बचाने के लिए उठाया गया है ताकि निष्पक्षता बनी रहे।
अधिकारियों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी मरीज से कोई अतिरिक्त शुल्क न लें। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में व्याप्त भ्रष्टाचार के मुद्दे को हवा दे दी है, जिससे स्थानीय प्रशासन अब सतर्क हो गया है।
फिलहाल, जांच टीम अपनी रिपोर्ट तैयार करने में जुटी है। विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर इस तरह की अवैध मांग का सामना करना पड़ता है, तो वे सीधे उच्च अधिकारियों से संपर्क करें ताकि दोषियों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!